रफीक कुरैशी अलीराजपुर
आलीराजपुर। अंनत चतुदर्षी पर्व पर शुक्रवार को रिद्वि-सिंद्वि विनायक श्री भगवान गणेष विसर्जन का चल समारोह नगर मे ढोल-ढमाको एवं डीजे की धुन पर हर्षोल्लास के साथ निकाला गया। गणपती बप्पा मोरिया-अगले बरस तु जल्दी आ के नारो के बिच नगर भ्रमण कर गणपति बप्पा पुनः अपने धाम लोट गए। इस दौरान नगर की विभिन्न समितियो ने नगर मे जुलुस निकालकर रंग-बिरंगी गुलाल उड़ाते हुवे स्थानिय पंचेष्वर मंदिर स्थित नदी एवं राक्सा नदी पर गणेष प्रतिमाओ का विर्सजन नपा द्धारा निर्माणधिन पोखरो मे किया गया। इसी के साथ दस दिवसिय गणेषोत्सव कार्यक्रम का भी समापन हो गया।
*नाचते-गाते निकाला गणेषजी का चल समारोह*
नगर मे रंग-बिरंग अबीर-गुलाल उडाकर समस्त गणेष मण्ड़ल के श्रद्धालुगण एंव कार्यकर्ता जमकर नाचे और युवाजन गणपती बप्पा मोरिया-अगले बरस तु जल्दी आ के उदघोष लगाते हुए चल रहे थे। श्रद्वालुओ ने षुभ-मुर्हुतो मे अपने घरो एवं विभिन्न चोराहो पर विराजे गणपति बप्पा की महाआरती कर श्रद्धा-भक्ति संग बिदाई दी। नगर मे दोपहर से लेकर देर रात्री तक गणेष प्रतिमाओ के विर्सजन का द्वौर चलता रहा। वही ट्रेक्टर-ट्राली में प्राकृतिक संसाधनों से सजी-संवरी गणनायक की झांकी को नगर भ्रमण करवाया गया। ज्ञात रहे कि विगत दो साल कोरोना काल के चलते गणेष विसर्जन जुलुस धुमधाम से निकाला नही गया था। गत वर्ष प्रषासन द्धारा गणेष प्रतिमाओ को वाहनो के माध्यम से संग्रहण कर बने पोखरो मे विसर्जन किए गए थे। विगत दिनो षांति-समिति की बैठक मे प्रषासन ने सभी गणेष समितियो को गणेष प्रतिमाओ को नदी, तालाबो मे विसर्जन नही करने के निर्देष दिए थे। नपा प्रषासन ने गणेष प्रतिमाओ के विर्सजन हेतु पंचेष्वर मंदिर व राकसा नदी स्थित नदी के किनारो पर बडे कुंड, जिसमे सभी समितियो ने गणेष प्रतिमाओ का विर्सजन किया। पर्व को लेकर पुलिस प्रषासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। रात्री मे श्रद्धालुओ के लिए आवागमन मार्गो पर बिजली की उचित व्यवस्था भी की गई। गौरतलब हे कि नगर मे दस दिनों तक विभिन्न पांडालो मे अलग-अलग एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्क्रतिक कार्यक्रमों का आय¨जन किया गया। जिसमें भजन संध्या, एक मिनट, सुगम-संगीत, प्रश्नमंच, वाद-विवाद, महिला स्पेशल और मंडलों द्वारा भजन-संध्या, डांस प्रतियोगिता प्रतिय¨गिता आयाजित की गई।



