मालवा लाइव।रफीक कुरैषी
आलीराजपुर। जिले मे पषुओ मे लंपी रोग की आहट षुरु हो गई है, जिससे पषुपालको मे हडकंप सा मचा हुआ है। विगत दिनो से जोबट क्षैत्र मे पषुओ मे लंबी वायरस का प्रकोप फेलने से दो पषुओ की मौत हो गई। वहि इससे आसपास के कई जानवर प्रभावित भी हुए है। पषुओ मे लंपी वायरस की रोकथाम ओर उसके बचाव को लेकर जिला प्रषासन सजग होकर मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग अलीराजपुर से प्राप्त प्रतिवेदन की अनुषंसा के आधार पर लंबी रोग से रोकथाम हेतु तत्काल प्रभाव से आगामी आदेष तक के लिए जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 की तहत् प्रतिबंधात्मक आदेष जारी किए है। इस आदेष के तहत किसी भी व्यक्ति या संस्थान द्वारा गौवंष-भैंसवंष का परिवहन किसी भी प्रकार के वाहन या व्यक्तिगत पैदल रूट से गुजरात राज्य अथवा अलीराजपुर जिले के समीपवर्ती जिलों से पशु परिवहन (गौवंष-भैंसवंष) नही करेगा। संक्रमित क्षेत्र के केन्द्र बिन्दु से 10 कि.मी. परिधि क्षेत्र मे पशु बिक्री बाजार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। संक्रमित क्षेत्र से अन्य आसपास के क्षेत्र मे गौवंष-भैंसवंष की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। संक्रमित पशुधन के मालिक संक्रमित पशुओ को अपने संसाधन से पेयजल उपलब्ध करायेंगे/संक्रमित पशुओ को सार्वजनिक जलाषय/तालाब/होद/हेण्डपम्प पर पेयजल हेतुु नही ले जायेंगे। गौषाला संचालक एवं गौसेवा से सम्बंधित संक्रमित पशुओं के उपचार/सुरक्षा हेतु संक्रमित पशुओ को अन्य पशुओं से पृथक् रखेंगे। नगरपालिका अलीराजपुर, नगर परिषद्, ग्राम पंचायत अपने-अपने कार्य क्षेत्र मे ऐसे क्षेत्र जहाॅ लोगों द्वारा पशुपालन किया जाता है, मक्खी/मच्छर के नियन्त्रण हेतु आवष्यक कीटनाषको का छिड़काव किया जाना सनिष्चित करेंगे। यदि कोई व्यक्ति उपर्युक्त आदेष का उल्लंघन करेगा तो वह भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा-188 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध का दोषी होकर विधि प्रावधानों के तहत् अभियोजित किया जाएगा। उक्त आदेष आगामी 02 माह तक प्रभावषील रहेगा।
*पषुओं को बचाने हेतु विभाग ने जारी की एडवाइजरी*
लंपी चर्म रोग से पषुओं को बचाने हेतु पषु चिकित्सा विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। पषुपालकों को बताया गया है कि लंपी चर्म रोग पशुओं मे होने वाला एक संक्रामक रोग है, जिसमें पशु के शरीर पर गांठे उभर आती है और पशुओ के पैरो मे सूजन आ जाती है, पशु दूध देना कम कर देता है, चारा खाना कम कर देता है और यह रोग संक्रमित पषु से स्वस्थ्य पशुओ मे मक्खी-मच्छरो द्वारा तेजी से फैलता है। उपसंचालक पशुपालन डाॅ. जीएस सोलंकी ने पशुपालकों से अपील की है कि लम्पी चर्म रोग के लक्षण पशुओं मे नजर आने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था से सम्पर्क कर उपचार कराये। संक्रमित पशुओ अन्य स्वस्थ्य पशु से दूर रखकर उनका चारा पानी अलग करे एवं नीम की पत्तियों का धुआॅ करते रहे। वर्तमान मे जिले मे 08 ग्राम इस रोग से प्रभावित है जिसमे 43 पशुओ का उपचार जारी है। उपसंचालक डाॅ. सोलंकी ने बताया अलीराजपुर में एवं समीपवर्ती अन्य जिलो मे लम्पी स्कीन डिसीज के रोग उद्भेद की सूचना के आधार पर उक्तरोग की संक्रामकता को दृष्टिगत रखते हुये संक्रमित पशुओं के उपचार-सुरक्षा हेतु पशुपालन विभाग के समस्त शासकीय सेवको की आवष्यकता को दृष्टिगत रखते हुये आगामी आदेष तक समस्त प्रकार के अवकाष (प्रसूति अवकाष को छोड़कर) प्रतिबंधित किए गए है।
*फोटो-सलंगन।*
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