मालवा लाइव।रफीक कुरैषी
आलीराजपुर। मप्र के महामहिम राज्यपाल मंगुभाई पटेल का आज गुरुवार को दो दिवसीय जिले के प्रवास अंतर्गत अलीराजपुर आगमन हुआ। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकलसेल एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अलीराजपुर एवं झाबुआ जिले में हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निेर्देश दिए कि सिकलसेल एनीमिया एवं क्षय रोग से पीडितों के चिन्हांकन, उपचार एवं नियमित फाॅलोअप हेतु अधिकारी स्तर से मैदानी स्तर तक के व्यक्ति पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा घर-घर जाकर सर्वे कार्य नियमित रूप से किया जाए। डोर-टू-डोर सर्वे और स्क्रीनिंग की क्राॅस चैकिंग भी की जाए। उन्होंने सिकलसेल एनीमिया एवं क्षय रोग नियंत्रण हेतु जांच, दवाई वितरण, माॅनिटरिंग, नियमित फालोअप, पीडित के पोषण आहार एंव पीडित के स्वस्थ्य होने तक की जानकारी संधारित हो इसके लिए माॅड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सिकलसेल एनीमिया एवं क्षय रोग के चिन्हांकित व्यक्तियों की नियमित प्रतिमाह जांच की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनवाडी केन्द्रों पर प्रति मंगलवार को बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सिकलसेल जांच की जाए। उन्होंने कहा क्षय रोग चिन्हांकित व्यक्तियों के घर पर परिवारजनों की जागरूकता हेतु जागरूकता सूचना लगाई जाए। ग्राम स्तर पर जिन व्यक्तियों को दायित्व सौपे गए है उनकी भी माॅनिटरिंग हो, जिससे मैदानी स्तर पर कार्य प्रभावकारी तरीक से क्रियान्वित हो सके। उन्होंनेे निर्देश दिए कि सिकलसेल एनीमिया से बचाव एवं क्षय उन्मूलन हेतु ग्राम स्तर पर जागरूकता हेतु नुक्कड नाटक अथवा विडियो फिल्म के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। साथ ही ग्रामसभा में भी अनिवार्य रूप से सिकलसेल एवं क्षय रोग से बचाव के लिए जागरूकता के प्रयास किये जाए। बच्चाों को जागरूक करने हेतु स्कूलों एवं छात्रावासों में जागरूकता हेतु विशेष प्रयास किये जाए। निक्षय मित्रों को नियमित रूप सम्मानित किया जाए जिससे उनमें स्पूर्ति का संचार होगा। उक्त कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित किया जाए। आयुष विभाग के माध्यम से आयुर्वेद दवाएं सिकलसेल एवं क्षय रोग से पीडित व्यक्ति को प्रदान की जाए। उन्होंने कहा सिकलसेल एवं क्षय रोग से ग्रसितों के जीवन को बचाने हेतु विशेष और लगन से प्रयास किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा पूर्व में 0 से 18 वर्ष तक के व्यक्तियों की सिकलसेल जांच की जाती थी अब इसमें 25 वर्ष तक की आयु के व्यक्तियों की जांच हेतु प्रावधान हो गए है। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के दीपक खांडेकर, राज्य स्तर से डाॅ. वर्षा राय, सांसद गुमानसिंह डामोर, जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता चैहान, विधायक अलीराजपुर मुकेश पटेल, विधायक जोबट सुलोचना रावत, पूर्व विधायक नागरसिंह चौहान सहित गणमान्यजन उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर राघवेन्द्रसिंह ने सिकलसेल एनीमिया स्क्रीनिंग एवं उपचार एवं क्षय रोग उन्मूलन हेतु जिले में चिन्हांकित व्यक्तियों, उनके उपचार हेतु किये गए प्रयासों तथा जागरूकता हेतु किये जा रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। कलेक्टर झाबुआ रजनी सिंह ने भी झाबुआ जिले में सिकलेसल एनीमिया स्क्रीनिंग एवं उपचार एवं क्षय रोग उन्मूलन हेतु किये जा रहे कार्यो और मैदानी स्तर के प्रयासों की जानकारी दी। बैठक में पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर मनोजकुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक झाबुआ अगमसिंह सहित दोनो जिले के अधिकारीगण उपस्थित थे।
*सिकलसेल पीडित बच्चों ने अपने स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी*
इस दौरान आयोजित सिकलसेल एनीमिया स्क्रीनिंग एवं उपचार अभियान तथा क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में सिकलसेल एवं क्षय रोग से पीडित रहे बच्चों कु. दिव्या डामोर, शिवम चैहान एवं ओमप्रकाश ने अपने अनुभव राज्यपाल मंगुभाई पटेल को बताए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उपस्थित सिकलसेल पीडित एवं क्षय रोग से पीडित रहे बच्चों से मुलाकात करते हुए उन्होंने बच्चों को दुलार किया तथा उन्हें प्रोत्साहित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फैरते हुए बच्चों को अपना आशीष दिया।
दो फोटो-सलंगन।
---------------------------


