गौरव व्यास शाजापुर। मालवा लाइव
भोजन की कमी और हीट स्ट्रोक के कारण हर वर्ष हजारों पक्षी मर जाते हैं l छत के ऊपर, पेड़ों के नीचे पानी और भोजन रखकर हम इनकी रक्षा तो करते ही है साथ ही बच्चों के समक्ष प्रकृति के प्रति प्रेम का दृष्टांत भी प्रस्तुत करते हैं l
इसी पुणयार्थ के दृष्टिगतगत तीन वर्ष पूर्व गौरैया संरक्षण दृष्टि समन्वित ई-गौरैया टीम द्वारा पक्षियों के लिए दाना-पानी अभियान की शुरुआत की गई जिसमें ग्रीष्म काल में घर, आंगन, विद्यालय, कार्यालय, उद्यान में पक्षियों की भूख प्यास के लिए दाना एवं सकोरे में पानी भर कर टीम के सदस्यों द्वारा नियमित रखा जा रहा हैं।
इसी क्रम को अनवरत रखते हुवे ई-गोरैया टीम के साथ शिक्षकों के रचनात्मक मैत्री शिक्षक संदर्भ समूह की जिला इकाई ने सोमवार को शाजापुर बस स्टैंड स्थित उमावि क्रमांक 2 से पक्षियों के लिए दाना पानी अभियान की शुरुआत कीl जिसमें समूह के सदस्यों ने शाला परिसर में लगे वृक्षों पर सकोरे लगाकर उनमें दाना तथा पानी की व्यवस्था कीl
जिले की ई-गौरैया टीम के संपादक तथा शिक्षक संदर्भ समूह के जिला समन्वयक श्री लोकेश राठौर के मुताबिक इस वर्ष ग्रीष्म काल में समूह के सदस्यों द्वारा संपूर्ण जिले में 21000 सकोरे रखे जाएंगे जिससे निरीह पक्षियों की सुरक्षा कर बच्चों में प्रकृति प्रेम, मिट्टी के व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों को प्रोत्साहन देने एवं जन चेतना का संदेश दिया जा सके l
*मिट्टी से निर्माण व्यवसायियों को प्रोत्साहन*
एक ओर जहां ग्रीष्मकाल में पक्षी मिट्टी के सकोरे में दाना खाकर तथा शीतल पानी पीकर अपना जीवन बचाएंगे वही दूसरी ओर मिट्टी के सकोरे बनाकर मिट्टी निर्माण व्यवसायियों को रोजगार भी मिलेगा।
*बच्चों मे प्रकृति प्रेम एवम परोपकार की भावना का विकास*
इस पुण्यार्थ कार्य से बच्चो में प्रकृति प्रेम के साथ परोपकार की भावना भी बलवती होगी।विधालय स्तर पर विधार्थी में उक्त आयोजन को देखकर घर,आंगन वृक्ष पर रहने वाले जीवों के प्रति दयाभाव की भावना विकसित होगी।
*जिले में विलुप्त होती गौरैया को सरंक्षित करना हैं लक्ष्य*
कभी घर आंगन में ची-ची की चहचहाहट से गूंजने वाली गौरैया को संरक्षित करने के प्रयासों के साथ शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को रचनात्मक प्रस्तुतियों को साहित्यिक रूप में उपलब्ध करवाना हैं ई-गौरैया का मुख्य लक्ष्य हैं।
*स्वेच्छा से जुड़ रहे है परोपकारी l*
संपूर्ण जिले में इस अभियान को जन क्रांति बनाने में शिक्षक संदर्भ समूह के राज्य समन्वयक डॉ. दामोदर जैन, संभागीय सह समन्वयक श्री योगेश उपाध्याय, सह जिला समन्वयक श्री अरुण पाटीदार, वरिष्ठ जिला समन्वयक श्री संजय कुमार सोनी, श्री अरुण शर्मा, श्री आनंद नागर, श्री गिरीश नाथ, श्री बी एल मालवीय, श्री आशीष सक्सेना, श्री अमित सक्सेना,श्री अरविंद आसोडिया,श्री पीएस मेवाडा,श्री पीएस खींची,श्री एच एस राजपूत,श्री जगदीश भावसार, श्री दीनबंधु उपाध्याय, श्री एन एस राजपूत, श्री केके शर्मा, श्री किशोर किडोले,श्री रजनीश महिवाल, श्री दीपक शर्मा, श्री ओपी परमार,श्री वीएस कुशवाह,श्री गौरव सक्सेना,श्री नरेंद्र राजपूत,श्री ए आर पडियार, श्री एसएन शर्मा, श्री दामोदर सक्सेना,श्री रवि राठौर,श्री प्रकाश राठौर,श्री दिलीप जायसवाल, श्री प्रमोद गुप्ता, श्री वैभव तिवारी, श्री विवेक शर्मा,श्री किशोर किडोले,श्री बी एस मेवाड़ा,श्री गोपाल कुंभकार,श्री मोहित भावसार,श्री अजीत पराशर,श्री मयंक चौरसिया,श्री श्याम परमार,श्री शेख इमरान,श्री विशाल कुरेशी, श्री हेमन्त वैद्य,श्री महेश शर्मा,श्री रोहित चौहान,श्री भरत शर्मा,श्री सी एस शर्मा, श्रीमति उषा सोनी,श्रीमती सूफिया शमा,श्रीमती नीलम राठौर,श्रीमती नीता मेहता,सुश्री नेहा राठौर,श्रीमती रुचि नागर,श्रीमती मीनाक्षी मंडलोई,सुश्री उमा मानावत,श्रीमती प्रवीणा पगारे,श्रीमती शोभा नागर, श्रीमती रानी भावसार ने सभी से निवेदन किया है l
