मालवा लाइव@डेस्क पेटलावद।
2015 में नगर के थांदला रोड पर हुवे ब्लास्ट के बाद भारी किरकिरी और न्यायालय में सभी आरोपियों के बरी होने के कारण बदमानी झेल चुका जिला और पेटलावद प्रशासन अब अपनी लापरवाही छुपाने और वाहवाही लूटने के लिए शनिवार को कुम्हार मोहल्ले में अब्दुल मंसूरी के धर से मिली 28 जेलेटिन की छड़ और 28 डेकोनेटर मामले में बड़ी कार्यवाही करने को तैयारी कर रहा है ,सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार प्रशासन आरोपी का मकान जो कि उसकी माँ आमनाबी पति करीम के नाम पर है उसे जमीदोज करने की तैयारी कर रहा है , ऐसा करने के पीछे प्रशासन की क्या मनसा ये तो नही कहा जा सकता लेकिन कही न कही इस व्यवसाय से जुड़े अवैध धंदेबाज़ों में प्रशासन का ख़ौफ़ पैदा करने के लिए प्रशासन इस प्रकार की कार्यवाही कर सकता है ।
नगर परिषद में थमाया नोटिस , 03 घन्टे में मांगे सम्प्पति के दस्तावेज , जबाव लेने वाला कोई नही
रविवार के अवकाश के बाद भी नगर परिषद पेटलावद से आरोपी की माँ आमनाबी पति करीम बख़श को नोटिस थमा कर पहले से नगर परिषद रेकॉर्ड में दर्ज संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया साथ ही परिवार को जबाब देने के लिए 03 घन्टे का समय दिया गया , साफ है प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी से आगे की कार्यवाही में जुट है , हालांकि मकान आरोपी के नाम से रेकॉर्ड में दर्ज नही है लेकिन आरोपी उसी मकान में रहता है ऒर विस्फोटक सामग्री भी इसी मकान से जप्त हुई है इसके चलते मकान मालिक आरोपी की माँ को नोटिस देकर 03 घन्टे में दस्तावेज मांगे गए हैं , नोटिस की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी पेटलावद को भी भेजी गई ईसलिये नोटिस के बाद 85 वार्षिय बुजुर्ग महिला अपनी पोती के साथ अनुविभागीय कार्यालय पहुँची जहॉ दो धंटे बाद भी कोई जबाब लेने वाला नही मिला।
केंसर पीड़ित हैं 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला परिवार केवल महिलाएं
जिस मकान के विस्फोटक समान मिला वो आरोपी की माँ आमनाबी पति करीम का है जो 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला होकर खुद भी स्तन कैंसर की गंभीर बीमारी से ग्रस्त है जबकि आरोपी की पत्नी और दो बेटियां भी इसी घर मे रहती है आरोपी के परिवार में सभी महिलाएं है , प्रशासन की और से यदि मकान तोड़ने की कार्यवाही की जाती है तो कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महिला के साथ आरोपी की पत्नी और बेटियां सड़क पर आ जाएगी ।
आखिर कौंन दे रहा है शहर फूंकने का सामान ?
अब्दुल मंसूरी के घर से मिला विस्फोटक सामान्यतह कुवें खोदने और गिट्टी खदानों में खुदाई जैसे कार्यो के उपयोग में लाया जाता है जिला प्रशासन बकायदा इसके लिए लाइसेंस जारी करता है और समय समय पर इसके स्टॉक ,गोदाम भंडारण की जांच करता रहता है लेकिन इसके बाद भी प्रशासन की नाक के नीचे बड़ी मात्रा में विस्फोटक आसानी से बाजारो में आ रहा , पुलिस द्वारा जप्त विस्फोटक किससे खरीदा गया और कहा बेचा जा रहा था इसकी कोई जानकारी नही सामने ला सका है साथ विस्फोटक बनाने वाली कंपनी द्वारा उक्त विस्फोटक किस लाइसेंसी को बेचा था इसकी भी कोई जानकारी पुलिस ओर प्रशासन की और से सामने नही आई है , प्रकरण के ये सारे विषय जांच में लिए गए हैं या लिए जाएंगे ये तो आने वाला समय ही बताएगा फिलहाल स्थानीय प्रशासन इस मामले में बड़ी कार्यवाही कर पेटलावद ब्लास्ट को भुना कर अपना नाम करना कर अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रहा है ऐसा प्रतीत होता है।
