पलवाड क्षेत्र में पत्थर बाज़ी व फ़र्ज़ी मतदान करते फ़र्ज़ियो को दबोचा।
इस चुनाव में जिला प्रशासन एवम स्थानीय प्रशासन की लापरवाही हुई उजागर।
थांदला (वत्सल आचार्य)
त्रि स्तरीय पंचायत निर्वाचन के पहले चरण में झाबुआ जिले की दो जनपद पंचायतों थांदला एवम पेटलावद में पंच, सरपंच,जनपद पंचायत सदस्य,जिला जनपद सदस्य के लिये हुवा मतदान शांति पूर्ण संपन्न हुवा।
पहले चरण में दोनों जनपद पंचायतों में करीब 75 प्रतिशत मतदान हुवा मतदान से पूर्व मतदाता में इस बार ज्यादा उत्साह देखा गया महिलाओं एवम युवा वर्ग ने भी पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग किया।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में पंचायत चुनाव का होना आग पर चलने जैसा है स्थानीय चुनाव में आपसी रंजिश खुल कर होती है इस बार भी चुनाव आयोग के नियम, कानून को सरपंची के रसूखदारों ने सब कुछ किया जो कि चुनाव आयोग की भाषा मे दंडनिय अपराध है।फिर भी स्थानीय प्रशासन आंखे मूंदे देखता रहा।
इस बार त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान के पूर्व मतदान दलों की रवानगी का समय प्रातः 07 बजे से शुरू होना था किंतु दोपहर 01 बजे तक एक भी दल जा नही सका जब वजह तलासी गई तो प्रसासन की लापरवाही खुल कर सामने आई पता चला कि अभी तक पंच के मत पत्र ही प्रिंट हो कर नही आये 06 बजे से 01 बजे तक कर्मचारी बे वजह परेशान रहे दोपहर बाद मतपत्र मिलने के बाद अंतिम दल करीब 04 बजे रवाना हुवा इसी बीच कलेक्टर सोमेश मिश्रा का आगमन होता है आते ही स्थिति का जायजा लिया मतदान दलों की भीड़ की हुज़ूम को देख कर उनके चेहरे पर भी चिंता की रेखा स्पष्ट रूप से दिख रही थी फिर भी जिला निर्वाचन अधिकारी की हैसियत से अपना रुतबा पुलिस को लाइन में खड़ा कर क्लास ले कर स्थानीय निर्वाचन अधिकारी एसडीएम अनिल भाना को निर्देशित कर चले गये।
अब सवाल यह उठता है कि ये चूक कहा से हुई हुई तो क्यो हुई एवम अधिकारियो की चूक का नतीजा बेकसूर सेकड़ो कर्मचारियों ने भुगता उसके बाद भी अपने गंतव्य पर पहुचने के बाद भी करीब 04 घंटे सामग्री को जमाने के पश्चात देर रात्रि को विश्राम के बाद अल सुबह मतदान के लिये तैयार होना एक साहसिक कार्य है जिसे बखूभी विषम परिस्थितियों में भी कर दिखाया सादर साधुवाद इन कर्मचारियों को ।
इस बार चुनाव में संवेदनसील केंद्रों पर कोई भी तैयारी नही थी मतदान के बाद पत्थर बाज़ी फ़र्ज़ी मतदान, विवाद चलते रहे सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर पहुचे भी कुल मिला कर 2022 के पंचायत चुनाव में उत्साह तो दिखा पर खोफ ज्यादा।
2022 के चुनाव युवा वर्ग के लिये सौगात बन कर आये इस बार अधिकांश पंचायतों में वर्षो से सरपंची के आगोश में कुंडली जमाये बैठे थे उनको युवा वर्ग ने धराशाही कर दिया अनेको दिग्गज को हार का स्वाद चखना पड़ा तो गमगीन हो कर खुद को अपने ही घर मे कैद कर लिया।
बहरहाल जो भी हो इस सरपंची के चुनाव में जिले के हर बड़े अधिकारी का मानवीय चेहरा अपने अधिनस्त कर्मचारियों के प्रति कितना संवेदनसील रहा ये किसी से छिपा नही फिर भी थांदला एसडीएम अनिल भाना ने अपने मातहत कर्मचारियों के लिये अगाध प्रेम के चलते निशुल्क पेट भर नाश्ता, चाय की व्यवस्था की बधाई के पात्र है उसी प्रेम, प्यार का नतीजा था कि कर्मचारी ने संयम का रुख दिखा कर पहले दिन की परेशानी को भूलते हुवे चुनाव आयोग को निर्विघ्न चुनाव सम्पन करवा कर तोहफा दे कर सारे गीले शिकवे दूर कर दिये।



