16 जून से 15 अगस्त तक समस्त नदियों व जलाशयों में बंद ऋतु में मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा

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मालवा लाइव।झाबुआ


झाबुआ। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री सोमेश मिश्रा के अधिसूचना के अनुसार मध्यप्रदेश नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 की धारा 3 (2) के अन्तर्गत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि बन्द ऋतु घोषित है। मध्य प्रदेश शासन मछली पालन विभाग के ज्ञापन क्रमांक ई-17/2/84/36 दिनांक 23 जुलाई 1987 के अनुसार छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है तथा जिन्हे निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अंतर्गत नहीं लाया गया है को छोडकर समस्त नदियों व जलाशयों में बंद ऋतु में मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। बंद ऋतु की अवधि में अवैधानिक मत्स्याखेट परिवहन/क्रय/विक्रय आदि कार्य करते पाये जानें पर नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 की धारा 3 (2) के प्रावधान एवं म.प्र. मत्स्य क्षेत्र (संशोधन) अधिनियम 1981 की धारा 5 के तहत उल्लंघनकर्ता को एक वर्ष का कारावास या रू. 5000 तक जुर्माना या दोनों से दंण्डित किये जाने का प्रावधान है। 

अतः अधिसूचना के माध्यम से समस्त संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि इस अवधि में किसी प्रकार का मत्स्याखेट न तो स्वयं करें और ना ही इन कार्यो में सहयोग दें अन्यथा उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध उक्त नियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।


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