☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 10 - Jul - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 10 - Jul - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

    

🔅 तिथि  एकादशी  02:15 PM

🔅 नक्षत्र  विशाखा  09:55 AM

🔅 करण :

           विष्टि  02:15 PM

           बव  02:15 PM

🔅 पक्ष  शुक्ल  

🔅 योग  शुभ  +00:44 AM

🔅 वार  रविवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  05:48 AM  

🔅 चन्द्रोदय  03:52 PM  

🔅 चन्द्र राशि  वृश्चिक  

🔅 सूर्यास्त  07:21 PM  

🔅 चन्द्रास्त  +02:52 AM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  01:32 PM 

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  आषाढ  

🔅 मास पूर्णिमांत  आषाढ  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:07:49 - 13:01:59

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  05:32 PM - 06:26 PM

🔅 कंटक  10:19 AM - 11:13 AM

🔅 यमघण्ट  01:56 PM - 02:50 PM

🔅 राहु काल  05:39 PM - 07:21 PM

🔅 कुलिक  05:32 PM - 06:26 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  12:07 PM - 01:01 PM

🔅 यमगण्ड  12:34 PM - 02:16 PM

🔅 गुलिक काल  03:58 PM - 05:39 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पश्चिम  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ  


*सहपरिवार सादर आमंत्रित*


 *गुरु पूर्णिमा महोत्सव 13 जुलाई 2022*

श्रावण मास के पवित्र अवसर पर 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव एवं *श्रीमद् भागवत भक्ति महोत्सव 4 से 10 अगस्त तक*

कष्टभंजन रामायण मित्र मंडल बनी द्वारा मास पारायण रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक दिनांक 14 जुलाई से 12 अगस्त 2022 तक

*स्थान श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला हरिहर आश्रम बनी तह० पेटलावद जिला झाबुआ मध्य प्रदेश*


*देवशयनी एकादशी* 

09 जुलाई 2022 शनिवार को शाम 04:40 से 10 जुलाई, रविवार को दोपहर 02:13 तक एकादशी है।

10 जुलाई, रविवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें।

देवशयनी एकादशी का व्रत महान पुण्यमय, स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदान करनेवाले, सब पापों को हरनेवाला है 

       *सोमप्रदोष व्रत* 

 पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। सोमवार को प्रदोषकाल में त्रयोदशी तिथि हो तो उसे सोमप्रदोष कहा जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 11 जुलाई, सोमवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए

  *ऐसे करें व्रत व पूजा*

 प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।

 इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।

 पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।

भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।

 भगवान शिवजी  की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन  ब्रह्मचर्य का पालन करें।

     *ये उपाय करें*

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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