☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 13 - Aug - 2022

0



जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 13 - Aug - 2022

☀ Mandsaur, India



☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

   

🔅 तिथि  द्वितीया  +00:55 AM

🔅 नक्षत्र  शतभिषा  11:28 PM

🔅 करण :

           तैतिल  02:18 PM

           गर  02:18 PM

🔅 पक्ष  कृष्ण  

🔅 योग :

           शोभन  07:49 AM

           अतिगंड  07:49 AM

🔅 वार  शनिवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  06:03 AM  

🔅 चन्द्रोदय  08:23 PM  

🔅 चन्द्र राशि  कुम्भ  

🔅 सूर्यास्त  07:05 PM  

🔅 चन्द्रास्त  07:08 AM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  01:01 PM  

      राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  श्रावण  

🔅 मास पूर्णिमांत  भाद्रपद  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:08:25 - 13:00:31

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  06:03 AM - 06:55 AM

🔅 कंटक  12:08 PM - 01:00 PM

🔅 यमघण्ट  03:36 PM - 04:28 PM

🔅 राहु काल  09:19 AM - 10:56 AM

🔅 कुलिक  06:55 AM - 07:47 AM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  01:52 PM - 02:44 PM

🔅 यमगण्ड  02:12 PM - 03:49 PM

🔅 गुलिक काल  06:03 AM - 07:41 AM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पूर्व  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद  

☀ चन्द्रबल  

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ  


*विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 

14 अगस्त 2022 रविवार को संकष्ट चतुर्थी है (चन्द्रोदय रात्रि 09:12)

शिव पुराण में आता हैं कि  हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :

ॐ गं गणपते नमः ।

ॐ सोमाय नमः ।


‪ *चतुर्थी‬ तिथि विशेष*

 चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।

 कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।

पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।

शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥

“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है



☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

Tags

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)