जय श्री कृष्ण👏🏻
संस्थापक - प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)
मन्दसौर (म. प्र.)
09977943155
☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀
☀ 17 - Aug - 2022
☀ Mandsaur, India
☀~ श्रीविद्या पंचांग ~☀
🔅 तिथि षष्ठी 08:26 PM
🔅 नक्षत्र अश्विनी 09:57 PM
🔅 करण :
गर 08:16 AM
वणिज 08:16 AM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग गण्ड 08:55 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:05 AM
🔅 चन्द्रोदय 10:45 PM
🔅 चन्द्र राशि मेष
🔅 सूर्यास्त 07:02 PM
🔅 चन्द्रास्त 11:07 AM
🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत
🔅 कलि सम्वत 5124
🔅 दिन काल 12:56 PM
राक्षस संवत्सर
🔅 विक्रम सम्वत 2079
🔅 मास अमांत श्रावण
🔅 मास पूर्णिमांत भाद्रपद
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित कोई नहीं
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:07 PM - 12:59 PM
🔅 कंटक 05:18 PM - 06:10 PM
🔅 यमघण्ट 08:40 AM - 09:32 AM
🔅 राहु काल 12:33 PM - 02:10 PM
🔅 कुलिक 12:07 PM - 12:59 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 06:57 AM - 07:48 AM
🔅 यमगण्ड 07:42 AM - 09:19 AM
🔅 गुलिक काल 10:56 AM - 12:33 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ
*श्रीमद्भागवत भक्तिरस महोत्सव*
*दिनाँक 18 से 24 दिसम्बर 2022*
*वाराणसी पहुँचने हेतु उपलब्ध ट्रेन*
*रतलाम से वाराणसी दिनाँक 16 दिसम्बर के टिकट करवाने है*
1 . *ट्रेन नम्बर 19489 - अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस*
*इस ट्रेन में रतलाम , नागदा , उज्जैन से बैठ सकते है*
2. *ट्रेन नम्बर 20414 - महाकाल एक्सप्रेस*
*इस ट्रेन में इंदौर , उज्जैन से टिकट करा सकते हैं*
3. *ट्रेन नम्बर13238 - कोटा पटना एक्सप्रेस*
*इस ट्रेन में कोटा से रिजर्वेशन करवा सकते हैं*
*जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा*
जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।
जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है।
‘वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है। ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ - ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।
जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।
उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र
‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है।
☀~ श्रीविद्या पंचांग ~☀
कार्यालय
श्रीविद्यापचांग
सिद्धचक्र विहार
मन्दसौर मध्यप्रदेश
आप का दिन शुभ हो
भारतमाता की जय
09977943155

