मालवा लाइव।राणापुर
रानापुर : श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व के दूसरे दिन भी नगर के तीनों मंदिरों में पक्षाल, पूजन,आरती,व्याखयान आदि आयोजन हुए । श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय में सुबह स्नात्र पूजन नीलेश कटारिया की ओर से पढ़ाई ।
शास्त्र जी की गहुली व प्रभावना सज्जनलाल कटारिया की ओर से की गई । दोपहर में श्री नवपद पूजन चन्द्रसेन कटारिया,सज्जनलाल कटारिया परिवार की और से पार्श्व संगीत मंडल के द्वारा पढ़ाई गई । रात्रि में भगवान एवम गुरुदेव की आकर्षक आंगी बनाई लाभार्थी मनोहरलाल नाहर थे । सुबह मुनिसुव्रत स्वामी मंदिर में पक्षाल का लाभ नीलेश सालेचा ने, भगवान की केसर पूजन पुष्प पूजन का अनिल ओपी सालेचा ने ,गुरुदेव की पूजन प्रवीण कटारिया ने , एवम भगवान की आरती ने ,मंगल दिवा मनोहरलाल नाहर ने,गुरुदेव एवम पुण्य सम्राट की आरती निरंजन सालेचा ने बोली बोलकर लाभ लिया । जिनालय में शास्त्र वाचक मनोहरजी नाहर ने व्याख्यान वाचन किया । उन्होंने दूसरे दिन के प्रवचन में गयारह कर्तव्य के बारे में विस्तार से बतलाया गया । 11 कर्तव्य इस प्रकार है श्रावक को प्रति वर्ष संघ पूजा साधर्मिक भक्ति, सामायिक स्नात्र महोत्सव, देव द्रव्य वृद्धि महापूजन,रात्री जागरण आदि कर्तव्यों का पालन करना चाहिए । श्री मनोहरलाल नाहर ने शास्त्र वाचन के दौरान बताया कि 11 कर्तव्य प्रत्येक जैन - परिवार के लिए अनिवार्य है । वर्ष में कम से कम बार यह कर्तव्य पूर्ण करना चाहिए इसके अलावा सामायिक की महता के बारे बताया गया एक सामायिक ( समभाव का इतना अधिक मूल्य है कि उसके आगे राजा महाराजा के राज्य से भी ज्यादा महत्व है ।


