☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 21 - Aug - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 21 - Aug - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

   

🔅 तिथि  दशमी  +03:37 AM

🔅 नक्षत्र  मृगशिरा  पूर्ण रात्रि

🔅 करण :

           वणिज  02:22 PM

           विष्टि  02:22 PM

🔅 पक्ष  कृष्ण  

🔅 योग  हर्शण  10:37 PM

🔅 वार  रविवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  06:06 AM  

🔅 चन्द्रोदय  +01:26 AM  

🔅 चन्द्र राशि  वृषभ  

🔅 सूर्यास्त  06:58 PM  

🔅 चन्द्रास्त  02:46 PM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  12:51 PM  

      राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  श्रावण  

🔅 मास पूर्णिमांत  भाद्रपद  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:07:03 - 12:58:30

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  05:15 PM - 06:07 PM

🔅 कंटक  10:24 AM - 11:15 AM

🔅 यमघण्ट  01:49 PM - 02:41 PM

🔅 राहु काल  05:22 PM - 06:58 PM

🔅 कुलिक  05:15 PM - 06:07 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  12:07 PM - 12:58 PM

🔅 यमगण्ड  12:32 PM - 02:09 PM

🔅 गुलिक काल  03:45 PM - 05:22 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पश्चिम  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन  


🚩 *श्रीमद्भागवत भक्तिरस महोत्सव* 🚩


दिनाँक 18 से 24 दिसम्बर 2022


🚩 *वाराणसी पहुँचने हेतु उपलब्ध ट्रेन* 🚩


रतलाम से वाराणसी दिनाँक 16 दिसम्बर के टिकट करवाने है


1 . ट्रेन नम्बर 19489 - अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस

इस ट्रेन में रतलाम , नागदा , उज्जैन, संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़) से बैठ सकते है


2. ट्रेन नम्बर 20414 - महाकाल एक्सप्रेस

इस ट्रेन में इंदौर , उज्जैन ,संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़)   से टिकट करा सकते हैं


3. ट्रेन नम्बर13238 - कोटा पटना एक्सप्रेस

इस ट्रेन में कोटा से रिजर्वेशन करवा सकते हैं

4. ट्रेन नम्बर 11071 - कामायनी एक्सप्रेस

इस ट्रेन में भोपाल के यात्री रिजर्वेशन करा सकते हैं


🚩 *श्रीमद्भागवत कथा पुर्णाहुति के बाद वाराणसी से रिटर्न हेतु ट्रेन* 🚩


ट्रेन नम्बर 22970 - वाराणसी ओखा सुपर फास्ट दिनाँक 24 दिसंबर 2022


वाराणसी से ,कोटा , नागदा , रतलाम के लिए इसमें 24 दिसम्बर के टिकट करा सकते है

ट्रेन नम्बर 14490- गोरखपुर - अहमदाबाद एक्सप्रेस दिनाँक 25 दिसंबर 2022 को रात्रि 2:30 बजे


वाराणसी से बैरागढ़ , उज्जैन ,नागदा , रतलाम के लिए इसमें 25 दिसम्बर के टिकट करा सकते हैं

🚩 *स्थान-मुमुक्षु भवन, अस्सी घाट , वाराणसी* 🚩


पंजीयन राशि - 7100/-


1. पंजीयन होते ही रूम आवंटित कर दिया जाएगा

2. सभी डीलक्स रूम में प्रत्येक में 4 व्यक्ति ठहर सकेंगे

3. बड़े परिवार को एक ही डीलक्स हॉल चाहिए तो 10 व्यक्तियों की क्षमता के साथ रुक सकते हैं

4. एक रूम में केवल यदि 2 व्यक्ति ही रुकना चाहते हैं तो 15000/- रुपये प्रति व्यक्ति के अनुसार पंजीयन कराना होगा.



*अजा एकादशी* 

22 अगस्त 2022 सोमवार को प्रातः 03:36 से 23 अगस्त, मंगलवार को सुबह 06:06 तक एकादशी है।

23 अगस्त, मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें।

युधिष्ठिर ने पूछा : जनार्दन ! अब मैं यह सुनना चाहता हूँ कि भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण) मास के कृष्णपक्ष में कौन सी एकादशी होती है ? कृपया बताइये ।

भगवान श्रीकृष्ण बोले : राजन् ! एकचित्त होकर सुनो । भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की एकादशी का नाम ‘अजा’ है । वह सब पापों का नाश करनेवाली बतायी गयी है । भगवान ह्रषीकेश का पूजन करके जो इसका व्रत करता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं ।

पूर्वकाल में हरिश्चन्द्र नामक एक विख्यात चक्रवर्ती राजा हो गये हैं, जो समस्त भूमण्डल के स्वामी और सत्यप्रतिज्ञ थे । एक समय किसी कर्म का फलभोग प्राप्त होने पर उन्हें राज्य से भ्रष्ट होना पड़ा । राजा ने अपनी पत्नी और पुत्र को बेच दिया । फिर अपने को भी बेच दिया । पुण्यात्मा होते हुए भी उन्हें चाण्डाल की दासता करनी पड़ी । वे मुर्दों का कफन लिया करते थे । इतने पर भी नृपश्रेष्ठ हरिश्चन्द्र सत्य से विचलित नहीं हुए ।

इस प्रकार चाण्डाल की दासता करते हुए उनके अनेक वर्ष व्यतीत हो गये । इससे राजा को बड़ी चिन्ता हुई । वे अत्यन्त दु:खी होकर सोचने लगे: ‘क्या करुँ ? कहाँ जाऊँ? कैसे मेरा उद्धार होगा?’ इस प्रकार चिन्ता करते करते वे शोक के समुद्र में डूब गये ।

राजा को शोकातुर जानकर महर्षि गौतम उनके पास आये । श्रेष्ठ ब्राह्मण को अपने पास आया हुआ देखकर नृपश्रेष्ठ ने उनके चरणों में प्रणाम किया और दोनों हाथ जोड़ गौतम के सामने खड़े होकर अपना सारा दु:खमय समाचार कह सुनाया ।

राजा की बात सुनकर महर्षि गौतम ने कहा :‘राजन् ! भादों के कृष्णपक्ष में अत्यन्त कल्याणमयी ‘अजा’ नाम की एकादशी आ रही है, जो पुण्य प्रदान करनेवाली है । इसका व्रत करो । इससे पाप का अन्त होगा । तुम्हारे भाग्य से आज के सातवें दिन एकादशी है । उस दिन उपवास करके रात में जागरण करना ।’ ऐसा कहकर महर्षि गौतम अन्तर्धान हो गये ।

मुनि की बात सुनकर राजा हरिश्चन्द्र ने उस उत्तम व्रत का अनुष्ठान किया । उस व्रत के प्रभाव से राजा सारे दु:खों से पार हो गये । उन्हें पत्नी पुन: प्राप्त हुई और पुत्र का जीवन मिल गया । आकाश में दुन्दुभियाँ बज उठीं । देवलोक से फूलों की वर्षा होने लगी ।

एकादशी के प्रभाव से राजा ने निष्कण्टक राज्य प्राप्त किया और अन्त में वे पुरजन तथा परिजनों के साथ स्वर्गलोक को प्राप्त हो गये ।

राजा युधिष्ठिर ! जो मनुष्य ऐसा व्रत करते हैं, वे सब पापों से मुक्त हो स्वर्गलोक में जाते हैं । इसके पढ़ने और सुनने से अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है ।


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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