मालवा लाइव।रफीक कुरैषी
आलीराजपुर। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा यज्ञ के चैथे दिन व्यंक्टेष्वर मार्ग, माली मोहल्ला, माली धर्मषाला मे नंद के घर आनन्द भयो जय कन्हैयालाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की, ष्याम मुरली बजाना, हमारे सत्संग में आना, जैसे षक्ति जयघोष से पाण्डाल गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर वासुदेव रूपी कलाकार जब बालकृष्ण को टोकरी में लेकर मंच पर आये तो पूरे पाण्डाल में बाल श्रीकृष्ण पर पुष्पवर्षा हुई। भगवान श्रीकृष्ण बने बालक की एक झलक पाने को हर कोई आतूर दिखा। पाण्डाल मंे बैठे करीब एक हजार श्रोता उद्घोस करते हुए अपनी जगह पर खड़े होकर झूम उठे और भगवान का जन्मोत्सव मनाने लगे। सभी ओर से बधाईयों की आवाजें सुनाई देने लगी। हर कोई नाचने-थिरकने लगा। पूरा माहोल उत्साहमय हो गया। पाण्डाल में पुरूष पीला वस्त्र में व महिलाएॅ केसरिया व पीली साड़ी में पाण्डाल में आई थी। पूरे प्रांगण को फुग्गे (बलून) एवं मटकियों से सजाया गया था। कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान मटकियां फोड़ी गई। भगवान को जो पसन्द है, वह नाम मंदिर में दर्षन करते समय लेना चाहिए, धीरज रखना जीवन की सबसे बड़ी बात है, बिना दान किए कभी सोना नहीं चाहिए, हमेषा माता व पिता का आदर व सम्मान करना चाहिए, जो पुत्र पिता की आज्ञा का पालन नही करता है उस पिता के लिए वह पुत्र नही ंके बराबर है। उक्त विचार श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा यज्ञ के चैथे दिन व्यंक्टेष्वर मार्ग, माली मोहल्ला, माली धर्मषाला के पास उपस्थित श्रोताओं को सुप्रसिद्ध कथावाचक पण्डित दादु महाराज ने कही। उक्त कथा स्व. षंकरलाल एवं स्व. जयेष माली की स्मृति मंे मिठीबाई पति स्व. षंकरलाल माली व परिवार द्वारा आयोजित की जा रही है। प्रारंभ में परिवार के गोपालकृष्ण षंकरलाल माली, सुन्दरलाल माली व षांतिलाल माली ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा में जानकीवल्लभ कोठारी व मिश्रीलाल राठौड़ ने भी भागवतजी का पूजन किया। मीडिया प्रभारी कृष्णकांत बेड़िया ने बताया कि बुधवार को प्रांगण में बाल लीला का वर्णन व गोवर्धन पूजा होगी। कथा का समापन 16 सितम्बर, षुक्रवार को होगा।
दो फोटो-सलंगन।
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