☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 16 - Sep - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 16 - Sep - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

    

🔅 तिथि  षष्ठी  12:21 PM

🔅 नक्षत्र  कृत्तिका  09:56 AM

🔅 करण :

           वणिज  12:21 PM

           विष्टि  12:21 PM

🔅 पक्ष  कृष्ण  

🔅 योग  वज्र  +05:49 AM

🔅 वार  शुक्रवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  06:16 AM  

🔅 चन्द्रोदय  10:36 PM  

🔅 चन्द्र राशि  वृषभ  

🔅 सूर्यास्त  06:33 PM  

🔅 चन्द्रास्त  11:43 AM  

🔅 ऋतु  शरद  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  12:16 PM  

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  भाद्रपद  

🔅 मास पूर्णिमांत  आश्विन  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  11:59:59 - 12:49:07

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  08:43 AM - 09:32 AM

🔅 कंटक  01:38 PM - 02:27 PM

🔅 यमघण्ट  04:54 PM - 05:43 PM

🔅 राहु काल  10:52 AM - 12:24 PM

🔅 कुलिक  08:43 AM - 09:32 AM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  03:16 PM - 04:05 PM

🔅 यमगण्ड  03:28 PM - 05:00 PM

🔅 गुलिक काल  07:48 AM - 09:20 AM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पश्चिम  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन  


🚩 *श्रीमद्भागवत भक्तिरस महोत्सव* 🚩


दिनाँक 18 से 24 दिसम्बर 2022


🚩 *वाराणसी पहुँचने हेतु उपलब्ध ट्रेन* 🚩


रतलाम से वाराणसी दिनाँक 16 दिसम्बर के टिकट करवाने है


1 . ट्रेन नम्बर 19489 - अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस

इस ट्रेन में रतलाम , नागदा , उज्जैन, संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़) से बैठ सकते है


2. ट्रेन नम्बर 20414 - महाकाल एक्सप्रेस

इस ट्रेन में इंदौर , उज्जैन ,संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़)   से टिकट करा सकते हैं


3. ट्रेन नम्बर13238 - कोटा पटना एक्सप्रेस

इस ट्रेन में कोटा से रिजर्वेशन करवा सकते हैं

4. ट्रेन नम्बर 11071 - कामायनी एक्सप्रेस

इस ट्रेन में भोपाल के यात्री रिजर्वेशन करा सकते हैं


🚩 *श्रीमद्भागवत कथा पुर्णाहुति के बाद वाराणसी से रिटर्न हेतु ट्रेन* 🚩


ट्रेन नम्बर 22970 - वाराणसी ओखा सुपर फास्ट दिनाँक 24 दिसंबर 2022


वाराणसी से ,कोटा , नागदा , रतलाम के लिए इसमें 24 दिसम्बर के टिकट करा सकते है

ट्रेन नम्बर 14490- गोरखपुर - अहमदाबाद एक्सप्रेस दिनाँक 25 दिसंबर 2022 को रात्रि 2:30 बजे


वाराणसी से बैरागढ़ , उज्जैन ,नागदा , रतलाम के लिए इसमें 25 दिसम्बर के टिकट करा सकते हैं

🚩 *स्थान-मुमुक्षु भवन, अस्सी घाट , वाराणसी* 🚩


पंजीयन राशि - 7100/-


1. पंजीयन होते ही रूम आवंटित कर दिया जाएगा

2. सभी डीलक्स रूम में प्रत्येक में 4 व्यक्ति ठहर सकेंगे

3. बड़े परिवार को एक ही डीलक्स हॉल चाहिए तो 10 व्यक्तियों की क्षमता के साथ रुक सकते हैं

4. एक रूम में केवल यदि 2 व्यक्ति ही रुकना चाहते हैं तो 15000/- रुपये प्रति व्यक्ति के अनुसार पंजीयन कराना होगा.


*अश्विन  माह* 

अश्विन  हिन्दू धर्म का सप्तम महिना है। अश्विन नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम अश्विन  पड़ा (अश्विनीनक्षत्रयुक्ता पौर्णमासी यत्र मासे सः)। आश्विन मास का संबंध अश्विनौ से है जो सूर्य के दो पुत्र हैं और देवताओं के चिकित्सक हैं। इस मास का एक नाम क्वार भी है। (उत्तर भारत  पंचांग के अनुसार) से अश्विन  का आरम्भ हो चुका  है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अभी भाद्रपद मास चल रहा है) ।

महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “तथैवाश्वयुजं मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। प्रज्ञावान्वाहनाढ्यश्च बहुपुत्रश्च जायते।।” जो अश्विन मास को एक समय भोजन करके बिताता है, वह पवित्र, नाना प्रकार के वाहनों से सम्पन्न तथा अनेक पुत्रों से युक्त होता है ।

आश्विने भौमावास्याम जायते खलु पार्वती। विविध विपदाम धनक्षयं पापाचारम वर्धते।।

महाभारत अनुशासन पर्व के अनुसार जो अश्विन  मास में ब्राह्माणों को घृत दान करता है, उस पर दैव वैद्य अश्विनीकुमार प्रसन्न होकर उसे रूप प्रदान करते हैं ।

शिवपुराण के अनुसार अश्विन में धान्य दान करने से अन्न तथा धन की वृद्धि होती है।

अग्निपुराण के अनुसार अश्विन  के महिने में गोरस- गाय का घी, दूध और दही तथा अन्न देनेवाला सब रोगों से छुटकारा पा जाता है |

आश्विने कृष्णपक्षे तु षष्ठ्यां भौमेऽथ रोहिणी । व्यतीपातस्तदा षष्ठी कपिलानन्तपुण्यदा ।।

अश्विन  महिने के कृष्णपक्ष की षष्ठी के दिन मंगलवार, रोहिणी नक्षत्र और व्यतिपात हो तो वह अनंत पुण्य देने वाला कपिला षष्टी योग कहा जाता है। यह योग बहुत दुर्लभ है।

शिवपुराण के अनुसार सती ने अश्विन  मास में नंदा (प्रतिपदा, षष्ठी और एकादशी) तिथियों में भक्तिपूर्वक गुड़, भात और नमक चढाकर भगवान शिवका पूजन किया और उन्हें नमस्कार करके उसी नियम के साथ उस मास को व्यतीत किया |

अश्विन  कृष्णपक्ष को पितृपक्ष महालय के नाम से जाना जाता है जिसमें पितृ ऋण से मुक्त होने तथा पितरों को तृप्त करने के उद्देश्य से श्राद्ध किया जाए

          *श्राद्धकर्म*

अगर श्राद्धकर्म करने के लिए आपके पास बिल्कुल भी धन नहीं है तो आपको उधार मांगकर धन लेना चाहिए और श्राद्ध करना चाहिए। अगर आपको कोई उधार नहीं दे रहा तो पितरों के उद्देश्य से पृथ्वी पर भक्ति विनम्र भाव से सात आठ तिलों से जलाञ्जलि ही दे दें। अगर यह भी संभव नहीं तो कहीं से चारा लाकर गौ को खिला दें। और अगर इतना भी संभव नहीं तो अपनी बगल दिखाते हुए सूर्य तथा दिक्पालों से कहें :

"न मेऽस्ति वित्तं न धनं न चान्यच्छ्राद्धोपयोग्यं स्वपितॄन्‌नतोऽस्मि ।

तृप्यन्तु भत्त्या पितरो मयैतौ कृतौ भुजौ वर्त्मनि मारुतस्य ।।"

'मेरे पास श्राद्धकर्म के योग्य न धन-संपति है और न कोई अन्य सामग्री। अत: मै अपने पितरों को प्रणाम करता हूँ। वे मेरी भक्ति से ही तृप्तिलाभ करे। मैंने अपनी दोनों भुजाएं आकाश में उठा रखी हैं ।


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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