पेटलावद । उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरणों के निराकरण के लिए दिए गए निर्देश के विरोध में पेटलावद अभिभाषक संघ 3 दिनों के लिए न्यायालय कार्य से विरत रहेगा।
इसकी लिखित सूचना न्यायालय को देते हुए पेटलावद अभिभाषक संघ के अध्यक्ष विनोद पुरोहित सचिव बलदेवसिंह राठौर ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 62 दिनों में 25 सूचीबद्ध प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं इसी प्रकार क्रम से 264 दिनों में सूचीबद्ध प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के लिए सभी जिला न्यायालय को निर्देश दिए हैं। जो वस्तुतः तथा अव्यवहारिक है और इससे सारे मध्यप्रदेश के अभिभाषकगण मैं तनाव है और इस कारण पक्षकारों के साथ भी न्याय नहीं हो रहा है। यह भी स्पष्ट है कि इससे न्यायालय एवं बार के मध्य जो मधुर संबंध प्रकरण के शीघ्र निराकरण में रहते थे वह भी समाप्त हो रहे हैं।
पदाधिकारियों ने बताया कि न्यायिक व्यवस्था को प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है एवं न्यायालय समय के अतिरिक्त भी न्यायाधीशों उनके स्टाफ को तथा अभिभाषकों को कार्य करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। जिस कारण पक्षकार भी परेशान हो रहे हैं। पूर्व में भी मध्य प्रदेश के सभी जिला अभिभाषक संघ ने माननीय उच्च न्यायालय में इस विषय में ज्ञापन दिया था। लेकिन उक्त ज्ञापन का भी आज तक कोई उचित निराकरण नहीं हो पाया है। इसलिए अभिभाषक संघ को बाध्य होकर न्यायालय कार्य से विरत रहते हुए कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है।
श्री पुरोहित ने बताया की अभिभाषक व्यवहार न्यायालय के साथ एसडीएम और तहसील न्यायालय से भी कार्य विरत रहेंगे।

