आधार अपडेट के लिए: बैंक के बाहर किस तरह से लोग परेशान होते हुए और एक दूसरे को धक्का मुक्की देते हुए, इस और किसी का कतई ध्यान नहीं
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पेटलावद। टुडे रिपोर्टर
पिछले 4 दिनों से भूखे प्यासे लोग नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के गेट पर धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते । परंतु बैंक के कर्ताधर्ताओ की लापरवाही और अव्यवस्थाओं के चलते यहां पर इस भीषण धूप में लोग परेशान हो रहे हैं। परंतु एसी में बैठने वाले कर्मचारी अधिकारियों को कतई इस बात का आभास नहीं है कि लोग किस तरह से धूप में खड़े होकर परेशान हो रहे हैं बैंक के जिम्मेदारों का यहां पर जीरो मैनेजमेंट दिखाई पड़ रहा है क्योंकि यहां पर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग खासे परेशानी उठा रहे हैं। प्रदेश के मुखिया ने जिस तरह से योजनाएं संचालित कर आमजन को लाभ पहुंचाने का दावा किया जा रहा है परंतु नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के कर्ता-धर्ताओ की मनमानी प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं को पलीता लगाते दिखाई पड़ रही है चुनावी साल है और ऐसी स्थिति में आमजन को परेशान करना कहीं ना कहीं सरकार को भारी पड़ सकता है यहां पर बैंक के कर्मचारी अंधेरी नगरी चौपट राजा की तर्ज पर अपना काम संचालित कर रहे हैं इस ओर जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है। नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के बाहर लोग एक दूसरे को किस तरह से धक्का-मुक्की कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं परंतु बैंक के किसी भी कर्मचारी अधिकारी ने आकर यहां पर कोई समझाएस या लाइन में लगने की बात नहीं कही कर्मचारी अधिकारी बैंक के अंदर अपनी मस्ती में मस्त हैं यदि इसी तरह आमजन बैंकों के बाहर परेशान होगा तो कैसे काम चल पाएगा

