अंतिम कटारिया । रावटी
जीवन मे किसी को कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होती है तो निकट के परिजनों एवं इष्टमित्रों को भी हर्ष होता है, रतलाम जिले के रावटी वासियों को भी हर्षित होने का सुखद अवसर डॉ राजपुरोहित की निकटता के कारण मिला है। आपको बता दे कि अंतरराष्ट्रीय पुरातत्ववेत्ता, इतिहासकार, संस्कृत और संस्कृति के विद्वान डॉक्टर भगवतीलाल राजपुरोहित (उज्जैन ) को भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार के लिए नामांकित किया है। इस घोषणा से संपूर्ण मालवांचल गौरवान्वित हुआ है ।
उल्लेखनीय है कि इतिहास एवं पुरातत्व संबंधी लगभग 100 पुस्तकों का लेखन कर चुके डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित के द्वारा अनेक नाटकों का मंचन भी कालिदास समारोह उज्जैन में करवाया गया है। श्री राजपुरोहित विश्व स्तरीय पुरातत्ववेत्ता डॉक्टर विष्णु श्रीधर वाकणकर के निकटतम सहयोगी भी रहे हैं। विलुप्त सरस्वती की खोज में आपने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समय-समय पर आपके द्वारा किए गए उत्तकृष्ट कार्यों पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा भी पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया है।
रावटी से गहरा नाता है डॉ. राजपुरोहित का
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पद्मश्री के लिए चयनित हुए डॉक्टर राजपुरोहित रावटी के स्व.कृष्ण वल्लभ पुरोहित के भानेज है। यही नही डॉ राजपुरोहित की पत्नी निर्मला और रावटी के व्यंगकार नारायणसिंह पुरोहित की पत्नी
अमनराज पुरोहित दोनों सगी बहने है । इसके अलावा रावटी से उनका एक और गहरा रिश्ता है , उनकी बेटी निमिषा राजपुरोहित रावटी निवासी ओमप्रकाश पुरोहित के छोटे पुत्र ज्योति प्रकाश पुरोहित के साथ ब्याही गई हैं। इस कारण पद्मश्री डॉ राजपुरोहित का रावटी से विशेष लगाव और आत्मीयता है।पद्मश्री मिलने पर रावटी के साहित्यकार गौरीनंदन शर्मा, कन्हैयालाल टॉक, मणिलाल मेहता आदि ने बधाई दी है।

