संजय पी.लोढ़ा । झाबुआ
झाबुआ जिले की सबसे बुजुर्ग महिला श्रीमती गेंदकुंवर राठौर (चंद्रावत) का 110 साल की उम्र में गत दिवस निधन हो गया। वे अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गई है। श्रीमती राठौर के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने श्री कामधेनु गौशाला एवं श्री हरिहर आश्रम के पीठाश्वर आचार्य डॉ. देवेंद्र शास्त्री( धरियाखेड़ी) ग्राम डाबड़ी पधारे एवं श्रीमती राठौर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
110 साल की गेंदकुंवर धर्म पारायण महिला थीं।उन्हें भगवान श्री राम से बेहद लगाव था। वे रोज रामायण पाठ करती थीं सुबह जल्दी उठाना, उठते ही नहा लेना और फिर रामायण पाठ करना, ये उनकी दिनचर्या में शामिल था। हैरत की बात यह थी के वे रामायण का पाठ बिना चश्मा पहने करती थीं। इतना ही नहीं, उन्हें रामायण की चौपाइयां याद थीं। वे घरवालों को रोज रामायण की चौपाइयां सुनाया करती थीं।
यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
उनका शरीर जरूर कमजोर था लेकिन याददाश्त ऐसी थी कि जो भी मिलता नाम से पहचान जाती। साल 2022 में उनके पड़ पोतों ने उनके लिए समारोह आयोजित किया था। इसमें उन्होंने परदादी को स्वर्ण सीढ़ी भेंट की थी। श्रीमती राठौर ने साल 2019 के लोकसभा चुनावों में मतदान भी किया था। करीब 110 साल की गेंदकुंवर का अंतिम संस्कार डाबड़ी गांव में किया गया। इसमें बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण शामिल हुए ।


