भगवान बिरसा मुंडा का स्मरण करना यानी राष्ट्रीय चेतना 'के स्वर को बुलंद करना: मंत्री निर्मला भूरिया -जनजातीय गौरव दिवस को लेकर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने आजादी की लड़ाई में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को उल्लेख किया -जनजातीय क्षेत्र में डॉ मोहन यादव सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य और उपलब्धियों का ब्यौरा दिया

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      झाबुआ। मनोज जानी
जनजातीय गौरव दिवस को लेकर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने आजादी की लड़ाई में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को उल्लेख किया तो वहीं जनजातीय क्षेत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किए गए विकास कार्य और उपलब्धियों का ब्यौरा भी दिया। दरअसल हर साल15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता हैं। इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वी जयंती के उपलक्ष्य में शासन ने जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा (1-15 नवंबर, 2025) का आयोजन किया। जिसका समापन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर होगा। 
        इसी उपलक्ष्य में गुरुवार को कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा वे वनवासियों की हिन्दू अस्मिता की आवाज को बुलंद करने वाले थे। उन्होंने आदिवासियों को धर्मांतरण के दुष्ट चक्र से सावधान किया। महज 25 वर्ष के छोटे से जीवनकाल में उन्होंने जो कर दिखाया, वह अतुलनीय है। अंग्रेज उनके नाम से 'कांपते थे, थर्राते थे। वनवासी समुदाय, बिरसा मुंडाजी को ईश्वर की तरह पूर्णता है। भगवान बिरसा मुंडा ने शोषणकारी औपनिवेशिक व्यवस्था के खिलाफ एक उग्र आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसके चलते 15 नवंबर को उनकी जयंती, आदिवासी नायकों का सम्मान करने का एक उचित अवसर बन गया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2021 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया। यह दिन आदिवासी समुदायों के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाता है, जिसमें एकता, गौरव और भारत की स्वतंत्रता और प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

शासन द्वारा जनजातीय समाज के उत्थान के लिए किए गए कार्य-

           जनजातीय वर्ग के लिए जनजातीय उपयोजना (TSP) मद में वित्तीय वर्ष 2025-26 में राशि रूपये 47 हजार 2 सौ 96 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो विगत वर्ष की तुलना में 15.91 प्रतिशत अधिक है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शैक्षणिक संवर्ग एवं प्रशासनिक संवर्ग सहित वर्ष 2025-26 में लगभग 4600 पदों की पूर्ति की जा रही है, जिसमें से उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक के 637 पदों पर नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। एकलव्‍य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1806 शैक्षणिक स्‍टाफ एवं 40 प्राचार्यों की नियुक्ति की गई। जनजातीय विद्यार्थियों को अध्‍ययन सुविधा उपलब्‍ध कराये जाने के उद्देश्‍य से 01 लाख 40 हजार विद्यार्थियों को छात्रावास, आश्रम शालाओं एवं आवासीय संस्‍थाओं में प्रवेश प्रदाय कर गुणवत्‍तायुक्‍त अध्‍ययन सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। सभी छात्रावासों में सुरक्षा की दृष्टि से अधीक्षक आवास गृह होना सुनिश्चि किया गया है। 
        वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के सहयोग से 300 अधीक्षक आवास गृह हेतु कुल राशि रूपए 68.34 करोड़ की स्‍वीकृति प्राप्‍त की गई है। जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा प्रदाया करने हेतु प्रदेश में कुल 153 विशिष्‍ट आवासीय विद्यालय जैसे माता शबरी कन्‍या शिक्षा परिसर, आदर्श आवासीय विद्यालय एवं एकलव्‍य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित है, जिनके माध्‍यम से कुल 54 हजार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा दी जा रही है। जनजातीय वर्ग में सिकल सेल एनीमिया की समस्‍या पर नियंत्रण हेतु समस्‍त विभागीय संस्‍थाओं एवं छात्रावासों में अध्‍ययनरत विद्यार्थियों के सिकल सेल एनीमिया की स्‍क्रीनिंग स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के सहयोग से निरंतर की जा रही है । अभी तक कुल 1 लाख 11 हजार 744 विद्यार्थियों की जांच की जा चुकी है । 
           महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत विद्यार्थियों को बाधा रहित एवं निरंतर शिक्षा उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में वर्ष के पूरे 12 माह मेस संचालन किए जाने की स्‍वीकृती प्रदाय की गई है। जनजातीय युवाओं को विभिन्‍न रोजगार मूलक प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल सेवा, बैंकिंग, पुलिस भर्ती आदि की कोचिंग दिये जाने के उद्देश्‍य से प्रदेश में आवासीय सुविधायुक्‍त 10 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्‍द्र संचालित किये जाने के लिये भारत सरकार से स्‍वीकृति प्राप्‍त की गई। जनजातीय वर्ग के युवाओं में नेतृत्‍व क्षमता विकसित किये जाने हेतु नेतृत्‍व विकास शिविर योजना में प्रतिवर्ष लगभग 300 मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के द्वारा भारत दर्शन कार्यक्रम अंतर्गत माननीय राष्‍ट्रपति, संसद भवन एवं अन्‍य राष्‍ट्रीय स्‍थलों का भ्रमण कराया जाता है। छात्रावास, आश्रम शाला एवं आवासीय विद्यालयों का गुणवत्‍तायुक्‍त संचालन सुनिश्चित किये जाने हेतु Geo-tagging सुविधायुक्‍त ‘परख मोबाइल एप’ ऑनलाइन निरीक्षण किये जाने के लिये ‘परख एप’ विकसित कर संस्‍थाओं के नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
        JEE, NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों को सफलता प्राप्‍त करने के लिये आकांक्षा योजना के अंतर्गत कुल 841 मेधावी विद्यार्थियों को वर्तमान में कोचिंग प्रदाय की जा रही है। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्‍त करने वाले जनजातीय वर्ग के कुल 01 हजार अभ्‍यर्थियों को सिविल सेवा प्रोत्‍साहन योजना के अंतर्गत 02 करोड़ प्रोत्‍साहन राशि इस वर्ष वि‍तरित की गई। जनजातीय कलाकरों के उत्‍पादों हेतु उपयोगी बाजार बनाने एवं मार्कटिंग से जोड़ने हेतु शिल्‍पग्राम महोत्‍सव जैसे कार्यक्रमों के द्वारा ‘रा‍ष्‍ट्रीय डिजाइन संस्‍थान भोपाल’ के सहयोग से जनजातीय कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इस वर्ष कार्यक्रम के दौरान लगभग 800 जनजातीय शिल्‍पकारों को लाभान्वित कर उन्‍हें बाजार से जोड़ा गया ।  12.प्रति वर्ष लगभग 230 जनजातीय वर्ग के मेधावी विद्यार्थी जो बोर्ड परीक्षाओं में प्रावीण्‍य सूची में स्‍थान प्राप्‍त करते हैं उन्‍हें शंकरशाह दुर्गावती पुरस्‍कार योजना के तहत पुरस्‍कृत कर प्रोत्‍साहित किया जाता है। इस हेतु प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख 44 हजार राशि वितरित की जाती है। 
      जनजातीय क्षेत्र में संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों में से स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल परिसर एवं कला-संगीत सुविधायुक्‍त 24 विद्यालयों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष सभी विद्यालयों का निर्माण कार्य माह मार्च 2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्‍य है। इन कार्यों हेतु शासन के द्वारा कुल राशि रूपए 2967.04 करोड़ स्‍वीकृत । सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों को छात्रावास सुविधा प्रदान करने के उद्देश्‍य से वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में धरती आबा योजना अंतर्गत 44 सांदीपनि विद्यालयों (सी.एम. राईज) में 100 सीटर कन्‍या एवं 100 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण के लिए राशि रूपए 352.00 करोड़ स्‍वीकृत । वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में राज्‍य मद अंतर्गत 43 छात्रावास भवन निर्माण की राशि रूपए 185.46 करोड़ एवं 17 आश्रम शाला भवन निर्माण की राशि रूपए 46.82 करोड़ स्‍वीकृत । अनुच्‍छेद 275(1) के अंतर्गत 10 माता शबरी आवासीय कन्‍या शिक्षा परिसर के भवन निर्माण के लिए राशि रूपए 400.00 करोड़, 07 महाविद्यालयीन छात्रावास भवन निर्माण राशि रूपए 31.50 करोड़ की राशि स्‍वीकृ‍त ।

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