तन्मय चतुर्वेदी
नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), जिसे पूसा संस्थान के नाम से भी जाना जाता है, में आयोजित एक विशेष गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उन्नत एवं जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान डॉ. योगेंद्र कौशिक को सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान संस्थान के निदेशक डॉ. श्रीनिवास राव एवं संयुक्त संचालक विस्तार सेवाएं, डॉ. रविंद्र पढारिया द्वारा प्रदान किया गया।
डॉ. योगेंद्र कौशिक लंबे समय से रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा और मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए डॉ. योगेंद्र जी जैसे प्रगतिशील किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कौशिक द्वारा अपनाई गई आधुनिक कृषि तकनीकों और जैविक पद्धतियों की सराहना की, जो अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं।
संयुक्त संचालक डॉ. रविंद्र पढारिया ने योगेंद्र कौशिक के प्रयासों को रेखांकित करते हुए संस्थान का विस्तार विभाग हमेशा ऐसे किसानों को प्रोत्साहित करता है जो कृषि में नवाचार लाते हैं।
किसान डॉ. योगेंद्र कौशिक ने न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस अवसर पर डॉ. कौशिक ने संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन और निरंतर नवाचार से ही खेती को लाभप्रद बनाया जा सकता है।

