☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 12 - Mar - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 12 - Mar - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

 

🔅 तिथि  नवमी  08:09 AM

🔅 नक्षत्र  आर्द्रा  05:32 PM

🔅 करण :

           कौलव  08:09 AM

           तैतिल  08:09 AM

🔅 पक्ष  शुक्ल  

🔅 योग  सौभाग्य  +03:53 AM

🔅 वार  शनिवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  06:42 AM  

🔅 चन्द्रोदय  01:11 PM  

🔅 चन्द्र राशि  मिथुन  

🔅 सूर्यास्त  06:37 PM  

🔅 चन्द्रास्त  +03:22 AM  

🔅 ऋतु  वसंत  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1943  प्लव

🔅 कलि सम्वत  5123  

🔅 दिन काल  11:54 AM

      आनंद संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2078  

🔅 मास अमांत  फाल्गुन  

🔅 मास पूर्णिमांत  फाल्गुन  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:16:01 - 13:03:41

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  06:42 AM - 07:30 AM

🔅 कंटक  12:16 PM - 01:03 PM

🔅 यमघण्ट  03:26 PM - 04:14 PM

🔅 राहु काल  09:41 AM - 11:10 AM

🔅 कुलिक  07:30 AM - 08:17 AM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  01:51 PM - 02:39 PM

🔅 यमगण्ड  02:09 PM - 03:38 PM

🔅 गुलिक काल  06:42 AM - 08:11 AM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पूर्व  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद  

☀ चन्द्रबल  

🔅 मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर  


*एकादशी के दिन करने योग्य* 

13 मार्च 2022 रविवार को सुबह 10:22 से 14 मार्च, सोमवार को दोपहर 12:05 तक एकादशी है ।

14 मार्च, सोमवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें ।

एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l


    *रविपुष्यामृत योग* 

‘शिव पुराण’ में पुष्य नक्षत्र को भगवान शिव की विभूति बताया गया है | पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से अनिष्ट-से-अनिष्टकर दोष भी समाप्त और निष्फल-से हो जाते हैं, वे हमारे लिए पुष्य नक्षत्र के पूरक बनकर अनुकूल फलदायी हो जाते हैं | ‘सर्वसिद्धिकर: पुष्य: |’ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है | पुष्य नक्षत्र में किये गए श्राद्ध से पितरों को अक्षय तृप्ति होती है तथा कर्ता को धन, पुत्रादि की प्राप्ति होती है 

इस योग में किया गया जप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है परंतु पुष्य में विवाह व उससे संबधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित हैं | (शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याय 10)


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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