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रायपुरिया। सोशल मीडिया के इस युग मे हर पल की खबर ,घटनाओं की जानकारी तेजी से लोगो को मिल जाती है। साथ ही इस नेटवर्क से सभी लोग
एक साथ जुड़े रहते है ऐसी तकनीकी आने के बाद दूर संचार से जुड़े रेडियो का जमाना ही नही रहा।
लेकिन आज जब गाव में देखा कि कुछ लोग रेडियो लेकर बैठे है और 5 राज्यों के चुनाव परिणाम की खबर बड़ी चाव से सुन रहे है।
तब दयाल भाई सांकला से पूछा कि अब भी आप रेडियो सुनते हो उन्होंने बोला कि में सन 1965 से लगातार अभी तक रोजाना रेडियो पर ही देश विदेश की खबरे ,सुगम संगीत सुनता हूं। मेरे दिन की शुरुआत प्रातः रेडियो पर भजन कीर्तन सुनकर ही होती है।
गांव के श्रेणिक जैन पान वाले कहते है कि मेने जब से पान की दुकान शुरू की सन 1977 के लगभग तभी से अभी तक मे अपनी दुकान पर रेडियो सुनता हूं। इस पर विविध भारती के कार्यक्रम ,इंदौर स्टेशन से प्रसारीत होने वाले सभी कार्यक्रम सुनता हूं। साथ ही क्रिकेट कॉमेंट्री भी सुनता हूं।
ऐसे ही गाव के सेवानिवृत्त पटवारी रामचन्द्र भाटी भी आज भी समाचारों के लिए रेडियो पर सुनना उनकी पहली पसंद है। पीएन पंवार कहते है कि हमारे जमाने मे केवल दूरसंचार में केवल एक ही रेडियो ही था। जिससे हमारा मनोरंजन होता था उस समय नन्दाजी भेराजी कार्यक्रम प्रसारित होता था। जिसमे कृषि सम्बंधित ओर साथ ही भजन का प्रसारण होता था। संगीत में बिनाका गीतमाला कार्यक्रम जो उस समय काफी फेमस था।
मधुर रेडियो के संचालक पिंटू पटवा बताते है कि पिछले 10 साल पहले दिनभर में पाँच से सात रेडियो की बिक्री हो जाती थी। मोबाइल के चलन होने से धीरे धीरे लोगो का रेडियो के प्रति लगाव कम होता गया। आज पूरी तरह से बिक्री बन्द हो गई यह पुराना दूर संचार का माध्यम रेडियो आज केवल कुछ ही लोगो की पसंद रह गया है।
