जय श्री कृष्ण👏🏻
संस्थापक - प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)
मन्दसौर (म. प्र.)
09977943155
☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀
☀ 20 - Jun - 2022
☀ Mandsaur, India
☀~ श्रीविद्या पंचांग ~☀
🔅 तिथि सप्तमी 09:03 PM
🔅 नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद +04:36 AM
🔅 करण :
विष्टि 09:36 AM
बव 09:36 AM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग प्रीति 08:27 AM
🔅 वार सोमवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:42 AM
🔅 चन्द्रोदय +00:33 AM
🔅 चन्द्र राशि कुम्भ
🔅 सूर्यास्त 07:19 PM
🔅 चन्द्रास्त 11:41 AM
🔅 ऋतु ग्रीष्म
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत
🔅 कलि सम्वत 5124
🔅 दिन काल 01:37 PM
राक्षस संवत्सर
🔅 विक्रम सम्वत 2079
🔅 मास अमांत ज्येष्ठ
🔅 मास पूर्णिमांत आषाढ
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:03:53 - 12:58:24
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:58 PM - 01:52 PM
🔅 कंटक 08:25 AM - 09:20 AM
🔅 यमघण्ट 12:03 PM - 12:58 PM
🔅 राहु काल 07:24 AM - 09:06 AM
🔅 कुलिक 03:41 PM - 04:36 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 10:14 AM - 11:09 AM
🔅 यमगण्ड 10:48 AM - 12:31 PM
🔅 गुलिक काल 02:13 PM - 03:55 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ
*दक्षिणायन आरंभ*
21 जून 2022 मंगलवार को (पुण्यकाल सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
उत्तरायण या दक्षिणायान के आरंभ के दिन किया गया जप-ध्यान व पुण्यकर्म कोटि कोटि गुना अधिक एवं अक्षय होता है |– पद्म पु
*वर्षा ऋतु*
21 जून 2022 मंगलवार से वर्षा ऋतु प्रारंभ ।
ग्रीष्म ऋतु में दुर्बल हुआ शरीर वर्षा ऋतु में धीरे-धीरे बल प्राप्त करने लगता है | आद्र वातावरण जठराग्नि को मंद करता है | वर्षा ऋतु में वात-पित्तजनित व अजीर्णजन्य रोगों का प्रादुर्भाव होता है | अत: जठराग्नि प्रदीप्त करनेवाला वात-पित्तशामक आहार लेना चाहिए |
हितकर आहार : इस ऋतु में जठराग्नि प्रदीप्त करनेवाले अदरक, लहसुन, नींबू, पुदीना, हरा धनिया, सोंठ, अजवायन, मेथी, जीरा, हींग, काली मिर्च, पीपरामूल का प्रयोग करें | जों, खीरा, लौकी, गिल्की, पेठा, तोरई, आम, जामुन, पपीता, सूरन सेवनीय हैं | श्रावण मास में ताजी छाछ में काली मिर्च, सेका, जीरा, धनिया, पुदीना डालकर ले सकते हैं | उपवास और लघु भोजन हितकारी है | रात को देर से भोजन न करें |
अहितकर आहार : देर से पचनेवाले, भारी, तले, तीखे पदार्थ न लें | जलेबी , बिस्कुट, डबलरोटी आदि मैदे की चीजे , बेकरी की चीजे, उड़द, अंकुरित अनाज, ठंडे पेय पदार्थ व आइस्क्रीम के सेवन से बचे | वर्षा ऋतु में दही पूर्णतः निषिध्द है | श्रावण मास
हितकर विहार : धूप, हवन से वातावरण को शुद्ध व गौ-सेवा तुलसी के पौधे लगायें , हल्का व्यायाम, स्वच्छ व हल्के वस्त्र पहनना हितकारी है | वातावरण में नमी और आर्द्रता के कारण उत्पन्न कीटाणुओं से सुरक्षा हेतू धूप व हवन से वातावरण को शुद्ध तथा गोमुत्र से घर को स्वच्छ रखें | घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें | मच्छरों से सुरक्षा के लिए घर में गेंदे के पौधों के गमले अथवा गेंदे के फूल रखें और नीम के पत्ते , गोबर के कंड़े व गूगल आदि का धुआँ करें |
अपथ्य विहार : बारिश में न भींगें | भींगें गीले कपड़े पहनकर न रखें | रात्रि-जागरण, दिन में शयन, खुले में शयन, अति परिश्रम एवं अति व्यायाम वर्जित है
*सपरिवार सादर आमंत्रित*
श्रावण मास के पवित्र अवसर पर 1100000 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव दिनांक 14 जुलाई से 12 अगस्त 2022 तक
*गुरु पूर्णिमा महोत्सव 13 जुलाई 2022*
स्थान श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला बनी तह० पेटलावद जिला झाबुआ मध्य प्रदेश
☀~ श्रीविद्या पंचांग ~☀
कार्यालय
श्रीविद्यापचांग
सिद्धचक्र विहार
मन्दसौर मध्यप्रदेश
आप का दिन शुभ हो
भारतमाता की जय
09977943155

