☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 12 - Jul - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 12 - Jul - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

    

🔅 तिथि :

            त्रयोदशी  07:47 AM

            चतुर्दशी  07:47 AM

🔅 नक्षत्र  मूल  +02:21 AM

🔅 करण :

           तैतिल  07:47 AM

           गर  07:47 AM

🔅 पक्ष  शुक्ल  

🔅 योग  ब्रह्म  04:58 PM

🔅 वार  मंगलवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  05:49 AM  

🔅 चन्द्रोदय  06:11 PM  

🔅 चन्द्र राशि  धनु  

🔅 सूर्यास्त  07:20 PM  

🔅 चन्द्रास्त  +04:53 AM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  01:31 PM 

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  आषाढ  

🔅 मास पूर्णिमांत  आषाढ  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:08:07 - 13:02:12

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  08:31 AM - 09:25 AM

🔅 कंटक  06:43 AM - 07:37 AM

🔅 यमघण्ट  10:19 AM - 11:14 AM

🔅 राहु काल  03:57 PM - 05:39 PM

🔅 कुलिक  01:56 PM - 02:50 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  08:31 AM - 09:25 AM

🔅 यमगण्ड  09:12 AM - 10:53 AM

🔅 गुलिक काल  12:35 PM - 02:16 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  उत्तर  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन  


*सहपरिवार सादर आमंत्रित*


 *गुरु पूर्णिमा महोत्सव 13 जुलाई 2022*

श्रावण मास के पवित्र अवसर पर 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव एवं *श्रीमद् भागवत भक्ति महोत्सव 4 से 10 अगस्त तक*

कष्टभंजन रामायण मित्र मंडल बनी द्वारा मास पारायण रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक दिनांक 14 जुलाई से 12 अगस्त 2022 तक

*स्थान श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला हरिहर आश्रम बनी तह० पेटलावद जिला झाबुआ मध्य प्रदेश*


*गुरुपूर्णिमा*

हे मेरे गुरुदेव ! आज से मेरी देह, मेरा मन, मेरा जीवन मैं आपके दैवी कार्य के निमित्त पूरा नहीं तो हररोज २ घंटा, ५ घंटा अर्पण करता हूँ, आप स्वीकार करना । भक्ति, निष्ठा और अपनी अनुभूति का दान देनेवाले देव ! बिना माँगे कोहिनूर का भी कोहिनूर आत्मप्रकाश देनेवाले हे मेरे परम हितैषी ! आपकी जय-जयकार हो ।’

इस प्रकार पूजन तब तक बार-बार करते रहें जब तक आपका पूजन गुरु तक, परमात्मा तक नहीं पहुँचे । और पूजन पहुँचने का एहसास होगा, अष्टसात्त्विक भावों (स्तम्भ १ , स्वेद २ , रोमांच, स्वरभंग, कम्प, वैवण्र्य ३ , अश्रु, प्रलय ४ ) में से कोई-न-कोई भाव भगवत्कृपा, गुरुकृपा से आपके हृदय में प्रकट होगा ।

इस प्रकार गुरुपूर्णिमा का फायदा लेने की मैं आपको सलाह देता हूँ ।


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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