☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 19 - Aug - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 19 - Aug - 2022

☀ Mandsaur, India


  ☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


🔅 तिथि  अष्टमी  11:01 PM

🔅 नक्षत्र  कृत्तिका  01:43 AM

🔅 करण :

           बालव  10:07 AM

           कौलव  10:07 AM

🔅 पक्ष  कृष्ण  

🔅 योग  घ्रुव  08:58 PM

🔅 वार  शुक्रवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  06:06 AM  

🔅 चन्द्रोदय  11:59 PM  

🔅 चन्द्र राशि  मेष  

🔅 सूर्यास्त  07:00 PM  

🔅 चन्द्रास्त  12:58 PM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  12:54 PM  

      राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  श्रावण  

🔅 मास पूर्णिमांत  भाद्रपद  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:07:27 - 12:59:04

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  08:40 AM - 09:32 AM

🔅 कंटक  01:50 PM - 02:42 PM

🔅 यमघण्ट  05:17 PM - 06:08 PM

🔅 राहु काल  10:56 AM - 12:33 PM

🔅 कुलिक  08:40 AM - 09:32 AM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  03:33 PM - 04:25 PM

🔅 यमगण्ड  03:46 PM - 05:23 PM

🔅 गुलिक काल  07:42 AM - 09:19 AM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पश्चिम  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ  


*श्रीमद्भागवत भक्तिरस महोत्सव*


*दिनाँक 18 से 24 दिसम्बर 2022*


*वाराणसी पहुँचने हेतु उपलब्ध ट्रेन*


*रतलाम से वाराणसी दिनाँक 16 दिसम्बर के टिकट करवाने है*


1 . *ट्रेन नम्बर 19489 - अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस*

*इस ट्रेन में रतलाम , नागदा , उज्जैन, संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़) से बैठ सकते है*


2. *ट्रेन नम्बर 20414 - महाकाल एक्सप्रेस*

*इस ट्रेन में इंदौर , उज्जैन ,संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़)   से टिकट करा सकते हैं*


3. *ट्रेन नम्बर13238 - कोटा पटना एक्सप्रेस* 

*इस ट्रेन में कोटा से रिजर्वेशन करवा सकते हैं*

4. *ट्रेन नम्बर 11071 - कामायनी एक्सप्रेस*

*इस ट्रेन में भोपाल के यात्री रिजर्वेशन करा सकते हैं*


*श्रीमद्भागवत कथा पुर्णाहुति के बाद वाराणसी से रिटर्न हेतु ट्रेन*


*ट्रेन नम्बर 22970 - वाराणसी ओखा सुपर फास्ट दिनाँक 24 दिसंबर 2022*


*वाराणसी से ,कोटा , नागदा , रतलाम के लिए इसमें 24 दिसम्बर के टिकट करा सकते है*

*ट्रेन नम्बर 14490- गोरखपुर - अहमदाबाद एक्सप्रेस दिनाँक 25 दिसंबर 2022 को रात्रि 2:30 बजे*


*वाराणसी से बैरागढ़ , उज्जैन ,नागदा , रतलाम के लिए इसमें 25 दिसम्बर के टिकट करा सकते हैं*


*श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि* 

भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४

कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –

अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |

वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||

वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |

दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |

 गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |

अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |

अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |

नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |

पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |

श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)

इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर ‘यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें  | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें  | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’

इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें  –

*क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |*

गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)

आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये | नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |

धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |

    *व्यापार में वृद्धि हेतु* 

रविवार को गंगाजल लेकर उसमें निहारते हुए २१ बार  गायत्री मंत्र जपें | फिर इस जल को व्यापार-स्थल पर जमीन एवं सभी दीवारों पर छिडक दें | ऐसा लगातार ७ रविवार करें, व्यापार में वृद्धि होगी



☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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