*जरा एक नजर इधर भी साहब...* *अवैध रुप से संचालित हो रहे झौलाछाप क्लिनिको पर कब होंगी कार्रवाई..?* *झौलाछापो पर कार्रवाई ना होना बना जनचर्चा का विषय..!*

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मालवा लाइव।रफीक कुरैशी द्धारा 

आलीराजपुर। आदिवासी बाहुल्य जिले मे इन दिनो बंगाली चिकित्सको की भरमार है, जिले में मकडजाल की तरह फेले झौलाछाप बंगाली डॉक्टर बिना कोई खौफ के धड़ल्ले से क्लीनिक चला रहे हैं। आलम यह हे कि उक्त फर्जी झौलाछाप अपनी-अपनी दुकानों के आगे एवं सड़क मार्ग पर खुलेआम हॉर्डिग्स लगाकर इनका प्रचार-प्रसार भी नजर दिखाई देते है। एक तरह से झोलाछाप चिकित्सक ग्रामिणजनो एवं आमजनो की जान के साथ खिलवाड कर रहे है। साथ ही उपचार के नाम पर लोगो से मोटी रकम भी वसुल रहे है। अब ऐसे मे जिला प्रषासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्धारा उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई ना करना कई प्रकार की षंकाओ को जन्म देता है। जिला मुख्यालय के कुम्हारवाड़ा क्षैत्र एवं सोरवा नाका क्षैत्र मे फर्जी चिकित्सक आसानी से क्लिीनिक चला रहे है। इन फर्जी क्लिनिको एवं डॉक्टरों पर कार्रवाई ना होना जनचर्चा का विषय बना हुआ है। 

*लोगो की जान के साथ हो रहा है खिलवाड* 

उल्लैखनिय हे कि जिला मुख्यालय सहित अंचलो में बडी तादात में झोलाछाप चिकित्सक बसे हुए है। इन चिकित्सको द्धारा ग्रामिण मरिजो से सिर्फ एक बार उपचार एवं दवाईयां के नाम पर हजारो रुपए की वसुली की जा रही है। उक्त चिकित्सक ग्रामिणो से मोटी रकम वसुली कर रहे है। वह अपनी मौत की दुकानों पर धडल्ले से ऐलोपेथिक ईलाज करते नजर आ रहे है। झोलाछापों में वो आयुष और होम्योपेथिक चिकित्सक भी आते है जो अपनी पेथी में ईलाज करने की बजाय ऐलोपेथिक ईलाज कर रहे है। जबकि शासन के सख्त निर्देष है कि जिसकी जो पैथी है उसी में वो ईलाज करे। जिले में गुजराती, बंगाली, यूनानी तरीके से इलाज का दावा कर रहे झोलाछाप मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम की इन पर मेहरबान है। जिसके चलते लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का धंधा इनका ओर भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग अमले को यह सब पता है, बावजुद इसके उन पर कोई कार्रवाई नही कर रहे है। षायद लगता हे कि जिला प्रषासन ओर स्वास्थ्य विभाग किसी बडी अनहोनी घटना का राह देख रहा हे। 

*कलेक्टर महोदय के आदेष को हवा-हवाई करने मे लगे* 

गौरतलब हेे कि कलेक्टर राघवेंद्रसिह ने विगत कई षासकिय बैठको मे इन फर्जी डॉक्टरों और बंगाली डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हुए है। कलेक्टर महोदय के सख्त आदेष के बावजुद जिलेभर में अवैध क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहे है। जिम्मेदारों को कलेक्टर महोदय के आदेष भी फिके लग रहे है और वह उनके आदेष को हवा-हवाई करने मे लगे हुए है। जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर टीम बनाने का हवाला देकर इन झोलाछापों को सतर्क कर रहे है। कार्रवाई के लिए जब जिले से दस्ता निकलता है तो इन्हे पता चल जाता है। दस्ता के आने से पहले ही वह क्लिनिको पर तालेबंदी कर रफु चक्कर हो जाते है। स्वास्थ्य विभाग इक्का-दुक्का पर कार्रवाही कर इतिश्री कर लेते है। ज्ञात रहे कि विगत दिनो पडोसी झाबुआ जिला कलेक्टर साहब के आदेष जारी होने के पष्चात इन झौलाछाप चिकित्सको पर कडी कार्रवाई की जा रही है। मगर अलीराजपुर जिले मे फर्जी क्लिनिको एवं डॉक्टरों पर कार्रवाई ना होना जिले मे जनचर्चा का विषय बना हुआ है। 

*मोनो*-झोलाछाप चिकित्सक। 

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