*समाजजनो ने चल समारोह निकालकर गणगौर माता का विर्सजन श्रद्धा और आस्था के साथ किया* *चल समारोह मे तिरंगा फरहाया गया*

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मालवा लाइव।रफीक कुरैशी द्वारा 

अलीराजपुर | स्थानीय असाडा राजपूत समाज द्वारा शुक्रवार को गणगौर माता का विर्सजन श्रद्धा और आस्था के साथ धूमधाम से किया गया। श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर एवं श्री अम्बे माता मंदिर असाडपुरा में क्रमशः 31 व 29 कुल विराजित 60 गणगौर माता की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। उसके बाद सुक्कड़ नदी में जवारों का विर्सजन किया गया। सैकड़ों की संख्या में समाज के लोगों ने चल समारोह में भाग तिरंगा लेकर शोभा बढ़ाई, समाज  अध्यक्ष राजेशसिंह चंदेल, उपाध्यक्ष रिंकेश तंवर व मीडिया प्रभारी उमेश वर्मा  द्वारा बताया गया कि असाडा राजपूत समाज द्वारा सामाजिक एकता, अखंडता का परिचायक रहता हैं धार्मिक गणगौर पर्व।  यह पर्व श्रावण मास की शीतला सप्तमी से पूर्णिमा तक प्रतिदिन सुबह व शाम को पूजा अर्चना कर मनाया जाता है। पूर्णिमा को रतजगा कर गरबे, भजनों पर भक्तगण आंनद लेते है व अगले दिन गरबा नृत्य व माताजी के भजनों के साथ जवारों का विर्सजन किया जाता है। रियासत काल के समय से माता की स्थापना करने की परम्परा प्रचलित है।  पौराणिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी कार्य में बाधा आने पर मनौती ली जाती है एवं जिसके पूर्ण होने पर मन्नतधारियों द्वारा लगातार दो वर्ष तक माताजी की स्थापना की जाती है |  गणगौर माता की विधि विधान से पूजा-अर्चना कर चल समारोह सम्पन्न हुआ | माताजी के डोल व जवारे की आरती उतारी व प्रसादी वितरित की गई। पश्चात दोपहर को श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर में विराजित 31 गणगौर माता की विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई व चल समारोह प्रारंभ होकर जिन श्रद्धालुओं द्वारा माताजी की स्थापित किये गये थे। उनके निवास पर भी पूजा-अर्चना की गई। दोनों मंदिर से प्रारंभ चल समारोह शिवाजी मार्ग पर एकत्रित हुए। यहाँ पर सभी ने बारी बारी से महाआरती व प्रसादी वितरित की।

केसवी सुदेश वाघेला भारत माता के वेशभूषा में वाहन पर सवार थी सैकड़ों समाजजन तिरंगा लहराते हुए राष्ट्र भक्ति गीत के गुंजायमान नारों के शाम को एक साथ गणगौर माताजी के जवारे के लिए नगर के प्रमुख मार्गो विर्सजन जुलूस निकला। समाज की अनेक युवतियाँ व महिलाऐं आकर्षक परिधानो से सजी थी, जो माताजी को सिर पर लिए चल रही थी। सबसे आगे युवा तिरंगा लहरा कर देशभक्ति गीत व गरबों पर नृत्य कर चल रहे थे एवं भक्तगण चवर ढुला रहे थे। चल समारोह एमजी रोड से होकर राजवाडा प्रांगण पहुंचा। यहांँ कुछ देर के लिए माताजी को विश्राम दिया गया जहाँ रियासत काल में राजा द्वारा पूजा अर्चना की जाती थी। चल समरोह राजराजेश्वर शनि मंदिर पर माताजी को विश्राम व अर्चना, महाआरती प्रसादी पश्चात सुक्कड नदी में जवारों का विर्सजन किया गया। जिसमें भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नागरसिंह चौहान, नपा अध्यक्ष रितेश डावर, विदेश  से सपरिवार पधारे मनीष वाघेला, यजुवेंद्र गेहलोत  सहित सैकड़ों की संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की |   महोत्सव को सफल बनाने में असाड़ा राजपूत समाज के युवाओं, महिलाओं और पुरुषों सहित पदाधिकारी आरती  सोलंकी, सुदेश वाघेला, शैलेष वाघेला, आशीष वाघेला, नारायण वर्मा,   राकेश चौहान, संजय वाघेला, नरेश वाघेला, हिरेंद्र चावडा, लाला राजेंद्र भाटी, जाग्रति वाघेला, गायत्री सोलंकी,जयश्री गेहलोत, ओमलता पंवार, पिंकी सोलंकी, आस्था राठौर सहित सभी समाजजनों का भी सराहनीय सहयोग रहा। समाज की ओर से पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता हेतु सभी का आभार माना ।

दो फोटो --संलग्न |

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