तन्मय चतुर्वेदी/ ओपी मालवीय पेटलावद।
चुनाव में शराब का खेल न हो ऐसा हो नहीं सकता, इसका कारण है कि पुलिस और आबकारी विभाग का नेटवर्क काफी कमजोर हो चुका है। पेटलावद में नगर परिषद के चुनाव है ऐसे में आबकारी विभाग बाहर से आने वाली अवेध शराब पर भी कोई रोक नहीं लगा पाई है। वही जैसे नगर परिषद के चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है वैसे ही मतदाताओं को लुभाने को लुभाने के भरचक प्रयास उम्मीदवार कर रहे है। आम दिनों के अलावा चुनावी सीजन में जमकर अवेध शराब खप रही है, खास बात है कि मामले में आबकारी ओर पुलिस दोनों ही विभाग के जिम्मेदार मोन धारण कर अपनी मस्ती में मस्त है। हर कोई जानता है कि चुनाव के दौरान शराब का क्या महत्व रहता है, ऐसे में शराब माफियाओं द्वारा संचालित ढाबो पर देर रात तक अवैध रूप से शराब परोसी देखी जा सकती है। आम दिनों के अलावा ढाबो पर शराबियो का जमावड़ा चुनाव समर के दौरान जमकर लग रहा है। नगर के थांदला रोड़, कानवन रोड़ के अलावा अंदरूनी इलाको में भी अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है, खासकर चुनाव के दौरान ओर अधिक पैमाने पर अवेध शराब के खपाई जा रही है। पूरा खेल शराब माफिया, आबकारी ओर ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा है इसमें कोई संदेह नही है क्योंकि जहां-जहां अवेध शराब का कारोबार बड़े स्तर पर किया जा रहा है उनकी पूरी हिस्ट्री आबकारी के पास है उसके बावजूद अवेध शराब के मामलों में कमी देखने को नही मिली है। नगर में आचार संहिता के दौरान भी शराब माफिया खुलेआम अपने दो पहिया वाहनों पर शराब की पेटिया शराब दुकान से ले जाते देखे जा सकते है। नगर के रूपगढ़ रोड़ ओर थांदला रोड पर स्थित शराब दुकान से बड़ी मात्रा में शराब की अवैध रूप से बिक्री हो रही है।
ठेकेदार के आगे नतमस्तक आबकारी
नगर में दर्जनों स्थानों पर अवेध शराब का व्यवसाय हो रहा है। किराना दुकान की आड़ में ओर ढाबो पर शराब ठेकेदार ओर आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के आशीर्वाद से अवैध शराब का कारोबार हो रहा है। शराब माफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नही करने से ऐसा प्रतीत होता कि आबकारी अधिकारी ठेकेदार के आगे नतमस्तक है ओर अपना हिस्सा बटोर कर मोन अवस्था का धारण कर लिया। अवेध शराब की बिक्री ओर शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए बकायदा आबकारी विभाग की जिम्मेदारी तय की गई है लेकिन यहां आबकारी विभाग की मिलीभगत से खुलेआम एजेंटो के माध्यम से अवैध शराब बेची जा रही हैं। लाइसेंसी शराब ठेकेदार व आबकारी विभाग के संरक्षण में लंबे समय से नगर में अलावा आसपास के ग्रामीण अंचल में भी शराब की अवैध बिक्री कर रहे है।आबकारी विभाग को यह सब भलीभांति जानकारी रहती है कि इलाके में कौन सा अवैध काम किया जा रहा है, लेकिन फिर भी बदमाशों पर कार्रवाही करने की बजाय आबकारी विभाग उनसे अपना दोस्ताना निभाते है। जानकारी के अनुसार कभी आबकारी की टीम शराब दुकान एवं ढाबो पर छापा मारने से पहले ही उन लोगों कों जानकारी दे दी जाती है जिससे वहां रखे हुए अवैध शराब के स्टॉक कों मौके से हटा लिया जाता है। चुनाव के दौरान भी शराब माफियाओं पर कार्यवाही नही होने से लगता है कि आबकारी विभाग को ठेकेदार द्वारा प्रतिमाह मोटी रकम से नवाजा जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ढाबो पर जो शराब बेची जाती है उसे कचरे के ढेर या ढाबो से बाहर खेत में रखा जाता है और ग्राहकों के आने पर एक-एक कर कई जाती है। देखना है कि आबकारी अपनी जिम्मेदारी निभाकर शराब माफियाओं पर कार्यवाही करता है या जो जैसा चल रहा है, वैसा ही चलता रहेगा।

