☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 14 - Sep - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 14 - Sep - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

  

🔅 तिथि  चतुर्थी  10:27 AM

🔅 नक्षत्र  अश्विनी  06:58 AM

🔅 करण :

           बालव  10:27 AM

           कौलव  10:27 AM

🔅 पक्ष  कृष्ण  

🔅 योग :

           घ्रुव  06:16 AM

           व्याघात  06:16 AM

🔅 वार  बुधवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  06:15 am


🔅 चन्द्रोदय  09:15 PM  

🔅 चन्द्र राशि  मेष  

🔅 सूर्यास्त  06:35 PM  

🔅 चन्द्रास्त  09:48 AM  

🔅 ऋतु  शरद  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  12:19 PM  

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  भाद्रपद  

🔅 मास पूर्णिमांत  आश्विन  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  कोई नहीं

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  12:00 PM - 12:49 PM

🔅 कंटक  04:56 PM - 05:45 PM

🔅 यमघण्ट  08:43 AM - 09:32 AM

🔅 राहु काल  12:25 PM - 01:57 PM

🔅 कुलिक  12:00 PM - 12:49 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  07:04 AM - 07:54 AM

🔅 यमगण्ड  07:47 AM - 09:20 AM

🔅 गुलिक काल  10:52 AM - 12:25 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  उत्तर  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ  


🚩 *श्रीमद्भागवत भक्तिरस महोत्सव* 🚩


दिनाँक 18 से 24 दिसम्बर 2022


🚩 *वाराणसी पहुँचने हेतु उपलब्ध ट्रेन* 🚩


रतलाम से वाराणसी दिनाँक 16 दिसम्बर के टिकट करवाने है


1 . ट्रेन नम्बर 19489 - अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस

इस ट्रेन में रतलाम , नागदा , उज्जैन, संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़) से बैठ सकते है


2. ट्रेन नम्बर 20414 - महाकाल एक्सप्रेस

इस ट्रेन में इंदौर , उज्जैन ,संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़)   से टिकट करा सकते हैं


3. ट्रेन नम्बर13238 - कोटा पटना एक्सप्रेस

इस ट्रेन में कोटा से रिजर्वेशन करवा सकते हैं

4. ट्रेन नम्बर 11071 - कामायनी एक्सप्रेस

इस ट्रेन में भोपाल के यात्री रिजर्वेशन करा सकते हैं


🚩 *श्रीमद्भागवत कथा पुर्णाहुति के बाद वाराणसी से रिटर्न हेतु ट्रेन* 🚩


ट्रेन नम्बर 22970 - वाराणसी ओखा सुपर फास्ट दिनाँक 24 दिसंबर 2022


वाराणसी से ,कोटा , नागदा , रतलाम के लिए इसमें 24 दिसम्बर के टिकट करा सकते है

ट्रेन नम्बर 14490- गोरखपुर - अहमदाबाद एक्सप्रेस दिनाँक 25 दिसंबर 2022 को रात्रि 2:30 बजे


वाराणसी से बैरागढ़ , उज्जैन ,नागदा , रतलाम के लिए इसमें 25 दिसम्बर के टिकट करा सकते हैं

🚩 *स्थान-मुमुक्षु भवन, अस्सी घाट , वाराणसी* 🚩


पंजीयन राशि - 7100/-


1. पंजीयन होते ही रूम आवंटित कर दिया जाएगा

2. सभी डीलक्स रूम में प्रत्येक में 4 व्यक्ति ठहर सकेंगे

3. बड़े परिवार को एक ही डीलक्स हॉल चाहिए तो 10 व्यक्तियों की क्षमता के साथ रुक सकते हैं

4. एक रूम में केवल यदि 2 व्यक्ति ही रुकना चाहते हैं तो 15000/- रुपये प्रति व्यक्ति के अनुसार पंजीयन कराना होगा.


*जानिए पुराणों के अनुसार श्राद्ध का महत्व*

 कुर्मपुराण : कुर्मपुराण में कहा गया है कि 'जो प्राणी जिस किसी भी विधि से एकाग्रचित होकर श्राद्ध करता है, वह समस्त पापों से रहित होकर मुक्त हो जाता है और पुनः संसार चक्र में नहीं आता।'

 गरुड़ पुराण : इस पुराण के अनुसार 'पितृ पूजन (श्राद्धकर्म) से संतुष्ट होकर पितर मनुष्यों के लिए आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, वैभव, सुख, धन और धान्य देते हैं।

मार्कण्डेय पुराण : इसके अनुसार 'श्राद्ध से तृप्त होकर पितृगण श्राद्धकर्ता को दीर्घायु, सन्तति, धन, विद्या सुख, राज्य, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करते हैं।

 ब्रह्मपुराण : इसके अनुसार 'जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति से श्राद्ध करता है, उसके कुल में कोई भी दुःखी नहीं होता।' साथ ही ब्रह्मपुराण में वर्णन है कि 'श्रद्धा एवं विश्वास पूर्वक किए हुए श्राद्ध में पिण्डों पर गिरी हुई पानी की नन्हीं-नन्हीं बूंदों से पशु-पक्षियों की योनि में पड़े हुए पितरों का पोषण होता है। जिस कुल में जो बाल्यावस्था में ही मर गए हों, वे सम्मार्जन के जल से तृप्त हो जाते हैं।

       *भरणी श्राद्ध* 

14 सितम्बर 2022 बुधवार को भरणी नक्षत्र होने के कारण भरणी श्राद्ध है। भरणी नक्षत्र के देवता यमराज होने के कारण भरणी श्राद्ध का विशेष महत्व है। सामान्यतः आश्विन पितृपक्ष (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार भाद्रपद) में चतुर्थी अथवा पंचमी को ही भरणी नक्षत्र आता है। कहा जाता है लोक - लोकान्तर की यात्रा जन्म, मृ्त्यु व पुन: जन्म उत्पत्ति का कारकत्व भरणी नक्षत्र के पास है अतः भरणी नक्षत्र के दिन श्राद्ध करने से पितरों को सद्गति मिलती है। महाभरणी श्राद्ध में कहीं भी श्राद्ध किया जाए, फल गयाश्राद्ध के बराबर मिलता है। यह श्राद्ध सभी कर सकते हैं।

भरणी नक्षत्र में श्राद्ध करने से श्राद्धकर्ता को उत्तम आयु प्राप्त होती है।

भरणी नक्षत्र में ब्राह्मण को काले तिल एवं गाय का दान करने से सद्गति प्राप्ति होती है व कष्ट कम होता है


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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