☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 02 - Oct - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 02 - Oct - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


   

🔅 तिथि  सप्तमी  06:49 PM

🔅 नक्षत्र  मूल  +01:53 AM

🔅 करण :

           गर  07:50 AM

           वणिज  07:50 AM

🔅 पक्ष  शुक्ल  

🔅 योग  सौभाग्य  05:13 PM

🔅 वार  रविवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  06:21 AM  

🔅 चन्द्रोदय  12:37 PM  

🔅 चन्द्र राशि  धनु  

🔅 सूर्यास्त  06:16 PM  

🔅 चन्द्रास्त  11:15 PM  

🔅 ऋतु  शरद  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  11:54 AM

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  आश्विन  

🔅 मास पूर्णिमांत  आश्विन  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  11:55:13 - 12:42:52

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  04:41 PM - 05:28 PM

🔅 कंटक  10:19 AM - 11:07 AM

🔅 यमघण्ट  01:30 PM - 02:18 PM

🔅 राहु काल  04:47 PM - 06:16 PM

🔅 कुलिक  04:41 PM - 05:28 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  11:55 AM - 12:42 PM

🔅 यमगण्ड  12:19 PM - 01:48 PM

🔅 गुलिक काल  03:17 PM - 04:47 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पश्चिम  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन  


🚩 *श्रीमद्भागवत भक्तिरस महोत्सव* 🚩


दिनाँक 18 से 24 दिसम्बर 2022


🚩 *वाराणसी पहुँचने हेतु उपलब्ध ट्रेन* 🚩


रतलाम से वाराणसी दिनाँक 16 दिसम्बर के टिकट करवाने है


1 . ट्रेन नम्बर 19489 - अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस

इस ट्रेन में रतलाम , नागदा , उज्जैन, संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़) से बैठ सकते है


2. ट्रेन नम्बर 20414 - महाकाल एक्सप्रेस

इस ट्रेन में इंदौर , उज्जैन ,संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़)   से टिकट करा सकते हैं


3. ट्रेन नम्बर13238 - कोटा पटना एक्सप्रेस

इस ट्रेन में कोटा से रिजर्वेशन करवा सकते हैं

4. ट्रेन नम्बर 11071 - कामायनी एक्सप्रेस

इस ट्रेन में भोपाल के यात्री रिजर्वेशन करा सकते हैं


🚩 *श्रीमद्भागवत कथा पुर्णाहुति के बाद वाराणसी से रिटर्न हेतु ट्रेन* 🚩


ट्रेन नम्बर 22970 - वाराणसी ओखा सुपर फास्ट दिनाँक 24 दिसंबर 2022


वाराणसी से ,कोटा , नागदा , रतलाम के लिए इसमें 24 दिसम्बर के टिकट करा सकते है

ट्रेन नम्बर 14490- गोरखपुर - अहमदाबाद एक्सप्रेस दिनाँक 25 दिसंबर 2022 को रात्रि 2:30 बजे


वाराणसी से बैरागढ़ , उज्जैन ,नागदा , रतलाम के लिए इसमें 25 दिसम्बर के टिकट करा सकते हैं

🚩 *स्थान-मुमुक्षु भवन, अस्सी घाट , वाराणसी* 🚩


पंजीयन राशि - 7100/-


1. पंजीयन होते ही रूम आवंटित कर दिया जाएगा

2. सभी डीलक्स रूम में प्रत्येक में 4 व्यक्ति ठहर सकेंगे

3. बड़े परिवार को एक ही डीलक्स हॉल चाहिए तो 10 व्यक्तियों की क्षमता के साथ रुक सकते हैं

4. एक रूम में केवल यदि 2 व्यक्ति ही रुकना चाहते हैं तो 15000/- रुपये प्रति व्यक्ति के अनुसार पंजीयन कराना होगा.


*दुर्गाष्टमी* 

03 अक्टूबर, सोमवार को दुर्गाष्टमी है ।

प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।

नारदपुराण पूर्वार्ध अध्याय 117

आश्विने शुक्लपक्षे तु प्रोक्ता विप्र महाष्टमी ।। ११७-७६ ।।

तत्र दुर्गाचनं प्रोक्तं सव्रैरप्युपचारकैः ।।

उपवासं चैकभक्तं महाष्टम्यां विधाय तु ।। ११७-७७ ।।

सर्वतो विभवं प्राप्य मोदते देववच्चिरम् ।।

आश्विन मास के शुक्लपक्ष में जो अष्टमी आती है, उसे महाष्टमी कहा गया है (महाष्टमी 03 अक्टूबर, सोमवार को है ) उसमें सभी प्रकार से दुर्गा के पूजन का विधान है। जो महाष्टमी को उपवास अथवा एकभुक्त व्रत करता है, वह सब ओर से वैभव पाकर देवता की भाँति चिरकाल तक आनंदमग्न रहता है।

भविष्यपुराण, उत्तरपर्व, अध्याय – २६

देव, दानव, राक्षस, गन्धर्व, नाग, यक्ष, किन्नर, नर आदि सभी अष्टमी तथा नवमी को उनकी पूजा-अर्चना करते हैं | आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी और नवमी को जगन्माता भगवती श्रीअम्बिका का पूजन करने से सभी शत्रुओं पर विजय प्राप्त हो जाती है | यह तिथि पुण्य, पवित्रता, धर्म और सुख को देनेवाली है | इस दिन मुंडमालिनी चामुंडा का पूजन अवश्य करना चाहिये |

देवीभागवतपुराण पञ्चम स्कन्ध

अष्टम्याञ्च चतुर्दश्यां नवम्याञ्च विशेषतः ।

कर्तव्यं पूजनं देव्या ब्राह्मणानाञ्च भोजनम् ॥ 

निर्धनो धनमाप्नोति रोगी रोगात्प्रमुच्यते ।

अपुत्रो लभते पुत्राञ्छुभांश्च वशवर्तिनः ॥

राज्यभ्रष्टो नृपो राज्यं प्राप्नोति सार्वभौमिकम् ।

शत्रुभिः पीडितो हन्ति रिपुं मायाप्रसादतः ॥

विद्यार्थी पूजनं यस्तु करोति नियतेन्द्रियः ।

अनवद्यां शुभा विद्यां विन्दते नात्र संशयः ॥

अष्टमी, नवमी एवं चतुर्दशी को विशेष रूप से देवीपूजन करना चाहिए और इस अवसर पर ब्राह्मण भोजन भी कराना चाहिए। ऐसा करने से निर्धन को धन की प्राप्ति होती है, रोगी रोगमुक्त हो जाता है, पुत्रहीन व्यक्ति सुंदर और आज्ञाकारी पुत्रों को प्राप्त करता है और राज्यच्युत राज को सार्वभौम राज्य प्राप्त करता है। देवी महामाया की कृपा से शत्रुओं से पीड़ित मनुष्य अपने शत्रुओं का नाश कर देता है। जो विद्यार्थी इंद्रियों को वश में करके इस पूजन को करता है, वह शीघ्र ही पुण्यमयी उत्तम विद्या प्राप्त कर लेता है इसमें संदेह नहीं है।

नवरात्रि अष्टमी को महागौरी की पूजा सर्वविदित है साथ ही

अग्निपुराण के अध्याय 268 में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को भद्रकाली की पूजा का विधान वर्णित है।

स्कन्दपुराण माहेश्वरखण्ड कुमारिकाखण्ड में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को वत्सेश्वरी देवी की पूजा का विधान बताया है।

गरुड़पुराण अष्टमी तिथिमें दुर्गा और नवमी तिथिमें मातृका तथा दिशाएँ पूजित होनेपर अर्थ प्रदान करती है ।

     *शारदीय नवरात्रि* 

नवरात्र की अष्टमी यानी आठवें दिन माता दुर्गा को नारियल का भोग लगाएं । इससे घर में सुख समृद्धि आती है 

     *शारदीय नवरात्रि* 

मन की शांति मिलती है मां महागौरी की पूजा से

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। आदिशक्ति श्री दुर्गा का अष्टम रूप श्री महागौरी हैं। मां महागौरी का रंग अत्यंत गोरा है, इसलिए इन्हें महागौरी के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि का आठवां दिन हमारे शरीर का सोम चक्रजागृत करने का दिन है। सोमचक्र  ललाट में स्थित होता है। श्री महागौरी की आराधना से सोमचक्र जागृत हो जाता है और इस चक्र से संबंधित सभी शक्तियां श्रद्धालु को प्राप्त हो जाती है। मां महागौरी के प्रसन्न होने पर भक्तों को सभी सुख स्वत: ही प्राप्त हो जाते हैं। साथ ही, इनकी भक्ति से हमें मन की शांति भी मिलती है।


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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