पेटलावद जैन समाज ने जताया विरोध: रैली निकालकर सौपा ज्ञापन

0

 




पेटलावद। 

श्री सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र को  झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन स्थल घोषित करने का जैन समाज द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है।

भारत की प्राचीन संस्कृति पर कुठाराघात करते हुए सरकार का यह निर्णय धर्म विरोधी, संस्कृति विरोधी है।  देश के संपूर्ण जैन समाज के साथ ही पेटलावद जैन समाज ने भी विरोध स्वरूप अहिंसक, अनुशासनात्मक तरीके से सरकार के इस जैन धर्म विरोधी निर्णय का विरोध करते हुए रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा है।

आपको बतादें कि झारखंड  के सम्मेद शिखर में  24 में 20  तीर्थंकर भगवान की मोक्ष स्थली होकर शास्वत सिद्ध तीर्थ क्षेत्र है। इस शास्वत सिद्ध तीर्थ क्षेत्र का एक एक कण जैन समाज के लिए मंदिर जैसा पवित्र है।

 झारखंड सरकार का जैन समाज के धर्म के साथ, आस्था  के साथ खिलवाड़  बर्दाश्त न करते हुए अब आंदोलन करने जैन समाज सडको पर आ गई है।

क्योंकि निश्चित ही सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित होने से तीर्थ क्षेत्र पर असामाजिक , अवांछित गतिविधियां एवं अन्य व्यसनों को बढ़ावा मिलेगा।

 सरकार के इस निर्णय का विरोध करते हुए पेटलावद नगर के समग्र जैन समाज ने विशाल विरोध जुलूस निकाला जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए तहसील कार्यालय पहुँची।

जहां देश के महामहिम राष्ट्रपति के नाम  एसडीएम अनिल कुमार राठौर को ज्ञापन सौंपकर इस  जैन धर्म विरोधी निर्णय को वापस लेने की मांग की।

रैली में समग्र जैन समाज की महिला मंडल, युवक एवं कन्या मण्डल के साथ स्थानक वासी जैन समाज पेटलावद के अध्यक्ष अनोखीलाल मेहता, तेरापंथी सभा के अध्यक्ष मनोज गादिया, मन्दिर मार्गी समाज के  समाज के चिंतन मंडलोई मौजूद रहे।

संचालन जितेंद्र कटकानी ने किया। ज्ञापन वाचन संजय चाणोदिया ने किया। आभार संजय मालवी ने माना।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)