पट्टे की भूमि के साथ-साथ कर लिया सरकारी भूमि पर भी कब्जा

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-प्रशासन की नाक के नीचे की हो गई खरीद फरोख्त

पेटलावद। टुडे रिपोर्टर

नगर के करडावद मार्ग पर मॉडल स्कूल के नीचे स्थित बेशकीमती सरकारी भूमि पर भूमाफिया की काली नजर क्या पड़ी प्रशासन की नाक के नीचे भू माफियाओं ने अपनी कारस्तानी को अंजाम देकर सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया।

 नगर में भूमाफिया इस कदर जमीन बेचने खरीदने के काम में लगे हैं कि जिसकी कोई हद नहीं। शासन द्वारा भागीरथ पिता वर्धा काग निवासी पेटलावद को 595/1/2 पर जीवन यापन करने हेतु कृषि भूमि पट्टे पर अहस्तांतरणीय कृषि पट्टा दिया गया था। स्टेट हाईवे से लगी होने के कारण भूमि की लागत करोड़ों में है। इस भूमि को पेटलावद के भूमाफिया मनीष कुमार पिता मनोहरलाल भंडारी और रवि पिता रामणलाल चौधरी निवासी रायपुरिया के साथ मिलकर उक्त भूमि की गलत तरीके से प्रशासन को गुमराह कर गलत जानकारी पेश कर उक्त पट्टे की भूमि को परिवर्तित कर ली।

इसके बाद 12 अप्रैल को इसकी लीज रजिस्ट्री करवाई गई। यह मामला उजागर होने के बाद पट्टेधारि के परिजनों ने आपत्ति दर्ज करवाई। लेकिन पट्टा धारक ओर लीज धारक ने आपस में सांठगांठ कर पट्टे की भूमि के साथ-साथ उससे लगी सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर तार फेंसिंग कर ली।

 मामला मीडिया में आने के बाद एसडीएम राजस्व द्वारा इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस थमाया गया। लेकिन भू माफियाओं की हिम्मत ही कम होती दिखी और उल्टा पट्टे की भूमि से लगी राजस्व की शासकीय भूमि पर कब्जा कर तार फेंसिंग कर दी। इस स्थान को लीज पर लेने का मुख्य उद्देश्य भी इससे लगी शासकीय भूमि ही है जिस पर प्लान के तहत कब्जा किया जा चुका है। सरकारी जमीनों पर कब्जे और रिकॉर्ड में झोल के मामले कोई नई बात नहीं है। सब कुछ आंखों के सामने होने के बाद भी राजस्व विभाग कुंभकर्ण नींद में सोया सब कुछ देख रहा है।

 कब्जे की जानकारी आने के बाद भी मौके पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे साफ पता चलता है कि भू माफियाओं को स्थानीय प्रशासन का पूरा संरक्षण प्राप्त है। हालांकि इस मामले को एसडीएम अनिल कुमार राठौर ने स्वयं संज्ञान में लेकर कार्रवाई कर रहे हैं। जिससे उम्मीद है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई निश्चित ही होगी।

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