लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल द्वारा शिक्षक दिवस पर 151 शिक्षकों का हुआ सम्मान शिक्षकों के बिना जीवन में सब कुछ अधूरा है:अनिल धारीवाल

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​पेटलावद। तन्मय चतुर्वेदी

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 135 वीं जयंती और शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल द्वारा भव्य लायंस गुरु रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। क्लब पिछले 11 वर्षों से निरंतर इस गौरवशाली परंपरा को निभा रहा है, जिसके तहत इस वर्ष क्षेत्र के 151 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

​कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गांग गेबल बजाकर और ध्वज वन्दना के साथ किया गया। ध्वज वन्दना रजनीकांत शुक्ला ने प्रस्तुत की। स्वागत भाषण क्लब के अध्यक्ष अनुराग गौड़ ने दिया, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों को सम्मान पत्र और कामधेनु गाय की प्रतिकृति भेंट कर मनोज जानी, हरिओम पाटीदार, आलोक चौहान, चिंतन मंडलोई, गजेंद्र काग, विकास चौहान, धीर जानी ने सम्मानित किया।

​लायंस क्लब जावरा के पूर्व अध्यक्ष सजी वर्गीस जावरा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​मुख्य अतिथि एमजेएफ लायन अनिल धारीवाल ने शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षकों के बिना जीवन में सब कुछ अधूरा है। आज हम समाज में जिस भी मुकाम पर हैं, वह सब इन्हीं गुरुओं की बदौलत है। शिक्षकों का यह योगदान अमूल्य है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

​कन्या संकुल प्राचार्य योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि यदि हम बच्चों को अच्छा ज्ञान और संस्कार देंगे, तो आने वाली पीढ़ी के साथ हमें उनकी दुआएं भी मिलेंगी। शिक्षकों में जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि गर्मी खून में नहीं, गर्मी जुनून में होती है। शिक्षा देने का यह कार्य शिक्षक अपने भीतर उसी जुनून के साथ करें, और यह सम्मान उसी की मान्यता है।

​बीईओ देवेंद्र कुमार ओझा ने कहा ने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आपके पढ़ाए हुए विद्यार्थी जब जीवन में ऊंचे पदों पर पहुंचते हैं, वही किसी भी शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है। पेटलावद विकास खंड का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम निश्चित रूप से आप सभी शिक्षकों की कड़ी मेहनत और सफलता का प्रमाण है।

​सांदीपनी विद्यालय के प्राचार्य पीएल चौहान ने  शिक्षा के बदलते स्वरूप और छात्र-शिक्षक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि जीवन के संघर्षों से मुकाबला करना सिखाता है। एक आदर्श शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर रहता है और समाज के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे ऊपर होती है।

​सेवानिवृत्त शिक्षक ओएस मेड़ा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुरु कोई पद नहीं बल्कि एक विचार है। जो ज्ञान का सही मार्ग दिखाए, वही सच्चा गुरु है। यदि छात्र गुरु की बताई हुई अच्छी बातों को अपने जीवन में उतार ले, तो उसका मार्ग प्रशस्त हो जाता है।


​कार्यक्रम के दौरान अशासकीय विद्यालय संघ के जिलाध्यक्ष लायन राजेश पालीवाल ने भी अपने विचार रखे। अधिवक्ता लायन निलेशसिंह कुशवाह ने गायत्री उपवन की जानकारी देते हुए उपस्थित सभी लोगों से 2400 पौधों को पेड़ बनाने की विशेष अपील की।

​अतिथि परिचय विकास चौहान ने दिया, जबकि मंच का संचालन यश रामावत ने किया। आभार दिलीप राठौड़ ने माना।

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