☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 11 - Jul - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 11 - Jul - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

   

🔅 तिथि  द्वादशी  11:14 AM

🔅 नक्षत्र :

               अनुराधा  07:50 AM

               ज्येष्ठा  07:50 AM

🔅 करण :

           बालव  11:14 AM

           कौलव  11:14 AM

🔅 पक्ष  शुक्ल  

🔅 योग  शुक्ल  09:01 PM

🔅 वार  सोमवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  05:49 AM  

🔅 चन्द्रोदय  05:00 PM  

🔅 चन्द्र राशि  वृश्चिक  

🔅 सूर्यास्त  07:20 PM  

🔅 चन्द्रास्त  +03:48 AM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  01:31 PM  

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  आषाढ  

🔅 मास पूर्णिमांत  आषाढ  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:07:58 - 13:02:05

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  01:02 PM - 01:56 PM

🔅 कंटक  08:31 AM - 09:25 AM

🔅 यमघण्ट  12:07 PM - 01:02 PM

🔅 राहु काल  07:30 AM - 09:12 AM

🔅 कुलिक  03:44 PM - 04:38 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  10:19 AM - 11:13 AM

🔅 यमगण्ड  10:53 AM - 12:35 PM

🔅 गुलिक काल  02:16 PM - 03:58 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पूर्व  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ  


*सहपरिवार सादर आमंत्रित*


 *गुरु पूर्णिमा महोत्सव 13 जुलाई 2022*

श्रावण मास के पवित्र अवसर पर 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव एवं *श्रीमद् भागवत भक्ति महोत्सव 4 से 10 अगस्त तक*

कष्टभंजन रामायण मित्र मंडल बनी द्वारा मास पारायण रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक दिनांक 14 जुलाई से 12 अगस्त 2022 तक

*स्थान श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला हरिहर आश्रम बनी तह० पेटलावद जिला झाबुआ मध्य प्रदेश*


*कैसे करें सुबह की शुरुआत गुरुपूनम के दिन*

13 जुलाई 2022 बुधवार को गुरुपूनम (गुरुपूर्णिमा) है ।

इस दिन सुबह बिस्तर पर तुम प्रार्थना करना : ‘‘हे महान पूर्णिमा ! हे गुरुपूर्णिमा ! अब हम अपनी आवश्यकता की ओर चलेंगे । इस देह की सम्पूर्ण आवश्यकताएँ कभी किसी की पूरी नहीं हुर्इं । हुर्इं भी तो संतुष्टि नहीं मिली ।

*इसलिए जरूरी है जीवन में गुरु का होना*

हिंदू धर्म में आषाढ़ पूर्णिमा गुरु भक्ति को समर्पित गुरु पूर्णिमा का पवित्र दिन भी है। भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु को सर्वोपरि माना है। वास्तव में यह दिन गुरु के रूप में ज्ञान की पूजा का है। गुरु का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना माता-पिता का।

माता-पिता के कारण इस संसार में हमारा अस्तित्व होता है। किंतु जन्म के बाद एक गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान और अनुशासन का ऐसा महत्व सिखाता है, जिससे व्यक्ति अपने सतकर्मों और सद्विचारों से जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी अमर हो जाता है। यह अमरत्व गुरु ही दे सकता है। गुरु ने ही भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बना दिया, इसलिए गुरु पूर्णिमा को अनुशासन पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।

इस प्रकार व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास गुरु ही करता है। जिससे जीवन की कठिन राह को आसान हो जाती है। सार यह है कि गुरु शिष्य के बुरे गुणों को नष्ट कर उसके चरित्र, व्यवहार और जीवन को ऐसे सद्गुणों से भर देता है। जिससे शिष्य का जीवन संसार के लिए एक आदर्श बन जाता है। ऐसे गुरु को ही साक्षात ईश्वर कहा गया है इसलिए जीवन में गुरु का होना जरूरी है


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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