जय श्री कृष्ण👏🏻
संस्थापक - प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)
मन्दसौर (म. प्र.)
09977943155
☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀
☀ 27 - Aug - 2022
☀ Mandsaur, India
☀~ श्रीविद्या पंचांग ~☀
🔅 तिथि अमावस्या 01:48 PM
🔅 नक्षत्र मघा 08:26 PM
🔅 करण :
नाग 01:48 PM
किन्स्तुघ्ना 01:48 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग शिव +02:06 AM
🔅 वार शनिवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:09 AM
🔅 चन्द्रोदय चन्द्रोदय नहीं
🔅 चन्द्र राशि सिंह
🔅 सूर्यास्त 06:53 PM
🔅 चन्द्रास्त 07:11 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत
🔅 कलि सम्वत 5124
🔅 दिन काल 12:44 PM
राक्षस संवत्सर
🔅 विक्रम सम्वत 2079
🔅 मास अमांत श्रावण
🔅 मास पूर्णिमांत भाद्रपद
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:05:43 - 12:56:39
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 06:09 AM - 07:00 AM
🔅 कंटक 12:05 PM - 12:56 PM
🔅 यमघण्ट 03:29 PM - 04:20 PM
🔅 राहु काल 09:20 AM - 10:55 AM
🔅 कुलिक 07:00 AM - 07:51 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 01:47 PM - 02:38 PM
🔅 यमगण्ड 02:06 PM - 03:42 PM
🔅 गुलिक काल 06:09 AM - 07:44 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन
🚩 *श्रीमद्भागवत भक्तिरस महोत्सव* 🚩
दिनाँक 18 से 24 दिसम्बर 2022
🚩 *वाराणसी पहुँचने हेतु उपलब्ध ट्रेन* 🚩
रतलाम से वाराणसी दिनाँक 16 दिसम्बर के टिकट करवाने है
1 . ट्रेन नम्बर 19489 - अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस
इस ट्रेन में रतलाम , नागदा , उज्जैन, संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़) से बैठ सकते है
2. ट्रेन नम्बर 20414 - महाकाल एक्सप्रेस
इस ट्रेन में इंदौर , उज्जैन ,संत हिरदाराम नगर(बैरागढ़) से टिकट करा सकते हैं
3. ट्रेन नम्बर13238 - कोटा पटना एक्सप्रेस
इस ट्रेन में कोटा से रिजर्वेशन करवा सकते हैं
4. ट्रेन नम्बर 11071 - कामायनी एक्सप्रेस
इस ट्रेन में भोपाल के यात्री रिजर्वेशन करा सकते हैं
🚩 *श्रीमद्भागवत कथा पुर्णाहुति के बाद वाराणसी से रिटर्न हेतु ट्रेन* 🚩
ट्रेन नम्बर 22970 - वाराणसी ओखा सुपर फास्ट दिनाँक 24 दिसंबर 2022
वाराणसी से ,कोटा , नागदा , रतलाम के लिए इसमें 24 दिसम्बर के टिकट करा सकते है
ट्रेन नम्बर 14490- गोरखपुर - अहमदाबाद एक्सप्रेस दिनाँक 25 दिसंबर 2022 को रात्रि 2:30 बजे
वाराणसी से बैरागढ़ , उज्जैन ,नागदा , रतलाम के लिए इसमें 25 दिसम्बर के टिकट करा सकते हैं
🚩 *स्थान-मुमुक्षु भवन, अस्सी घाट , वाराणसी* 🚩
पंजीयन राशि - 7100/-
1. पंजीयन होते ही रूम आवंटित कर दिया जाएगा
2. सभी डीलक्स रूम में प्रत्येक में 4 व्यक्ति ठहर सकेंगे
3. बड़े परिवार को एक ही डीलक्स हॉल चाहिए तो 10 व्यक्तियों की क्षमता के साथ रुक सकते हैं
4. एक रूम में केवल यदि 2 व्यक्ति ही रुकना चाहते हैं तो 15000/- रुपये प्रति व्यक्ति के अनुसार पंजीयन कराना होगा.
*सौ गुना फलदायी “शिवा चतुर्थी”*
31 अगस्त, बुधवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है ।
भविष्य पुराण के अनुसार ‘भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का नाम ‘शिवा’ है | इस दिन किये गये स्नान, दान, उपवास, जप आदि सत्कर्म सौ गुना हो जाते हैं |
इस दिन जो स्री अपने सास-ससुर को गुड़ तथा नमकीन खिलाती है वह सौभाग्यवती होती है | पति की कामना करनेवाली कन्या को विशेषरूप से यह व्रत करना चाहिए |’
*गणेश-कलंक चतुर्थी*
( ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जप करने और गुड़मिश्रित जल से गणेशजी को स्नान कराने एवं दूर्वा व सिंदूर की आहुति देने से विघ्न-निवारण होता है तथा मेधाशक्ति बढ़ती है | )
गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन कलंक निवारण के उपाय
इस वर्ष 31 अगस्त, बुधवार को (चन्द्रास्त : रात्रि 09:34)
भारतीय शास्त्रों में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया है इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल में मिथ्या कलंक लगता है। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित है।
भाद्रशुक्लचतुथ्र्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा।
अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदु:खभाग्॥
अर्थातः जो जानबूझ कर अथवा अनजाने में ही भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह अभिशप्त होगा। उसे बहुत दुःख उठाना पडेगा।
गणेश पुराण के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा देख लेने पर कलंक अवश्य लगता है। ऐसा गणेश जी का वचन है।
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें यदि भूल से चंद्र दर्शन हो जाये तो उसके निवारण के निमित्त श्रीमद्भागवत के १०वें स्कंध, ५६-५७वें अध्याय में उल्लेखित स्यमंतक मणि की चोरी कि कथा का श्रवण करना लाभकारक है। जिससेे चंद्रमा के दर्शन से होने वाले मिथ्या कलंक का ज्यादा खतरा नहीं होगा।
*चंद्र-दर्शन दोष निवारण हेतु मंत्र*
यदि अनिच्छा से चंद्र-दर्शन हो जाये तो व्यक्ति को निम्न मंत्र से पवित्र किया हुआ जल ग्रहण करना चाहिये। मंत्र का २१, ५४ या १०८ बार जप करें । ऐसा करने से वह तत्काल शुद्ध हो निष्कलंक बना रहता है। मंत्र निम्न है।
सिंहः प्रसेनमवधीत् , सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मा रोदीस्तव, ह्येष स्यमन्तकः ॥
अर्थात: सुंदर सलोने कुमार! इस मणि के लिये सिंह ने प्रसेन को मारा है और जाम्बवान ने उस सिंह का संहार किया है, अतः तुम रोओ मत। अब इस स्यमंतक मणि पर तुम्हारा ही अधिकार है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, अध्यायः ७८)
चौथ के चन्द्रदर्शन से कलंक लगता है | इस मंत्र-प्रयोग अथवा स्यमन्तक मणि कथा के वचन या श्रवण से उसका प्रभाव कम हो जाता है |
☀~ श्रीविद्या पंचांग ~☀
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मन्दसौर मध्यप्रदेश
आप का दिन शुभ हो
भारतमाता की जय
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