☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 20 - Jul - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 20 - Jul - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


    

🔅 तिथि  सप्तमी  07:37 AM

🔅 नक्षत्र  रेवती  12:51 PM

🔅 करण :

           बव  07:37 AM

           बालव  07:37 AM

🔅 पक्ष  कृष्ण  

🔅 योग  सुकर्मा  12:42 PM

🔅 वार  बुधवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  05:53 AM  

🔅 चन्द्रोदय  +00:12 AM  

🔅 चन्द्र राशि  मीन  

🔅 सूर्यास्त  07:18 PM  

🔅 चन्द्रास्त  12:22 PM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  01:25 PM  

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  आषाढ  

🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  कोई नहीं

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  12:09 PM - 01:02 PM

🔅 कंटक  05:31 PM - 06:25 PM

🔅 यमघण्ट  08:34 AM - 09:27 AM

🔅 राहु काल  12:35 PM - 02:16 PM

🔅 कुलिक  12:09 PM - 01:02 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  06:46 AM - 07:40 AM

🔅 यमगण्ड  07:33 AM - 09:14 AM

🔅 गुलिक काल  10:55 AM - 12:35 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  उत्तर  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन


*सहपरिवार सादर आमंत्रित*

श्रावण मास के पवित्र अवसर पर 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव एवं *श्रीमद् भागवत भक्ति महोत्सव 4 से 10 अगस्त तक*

कष्टभंजन रामायण मित्र मंडल बनी द्वारा मास पारायण रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक दिनांक 14 जुलाई से 12 अगस्त 2022 तक

*स्थान श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला हरिहर आश्रम बनी तह० पेटलावद जिला झाबुआ मध्य प्रदेश*


*शिव विशेष मंत्र* 

"ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय नम: ॐ"

शिवपुराण‬, रूद्रसंहिता, युद्ध खंड के अनुसार यह शुभ मन्त्र महान पुण्यमय तथा शिव को प्रसन्न करने वाला है | यह भुक्ति – मुक्ति का दाता, सम्पूर्ण कामनाओं का पूरक और शिवभक्तों के लिये आनंदप्रद है | यह स्वर्गकामी पुरुषों के लिये धन, यश और आयु की वृद्धि करनेवाला है | यह निष्काम के लिये मोक्ष तथा साधन करने वाले पुरुषों के लिये भुक्ति – मुक्ति का साधक है | जो मनुष्य पवित्र होकर सदा इस मन्त्र क की करता है, सुनता है अथवा दूसरे को सुनाता है, उसकी सारी अभिलाषाएँ पूर्ण हो जात

 *चातुर्मास में करने योग्य* 

चातुर्मास में ३ बिल्व पत्र डाल कर "ॐ नमः शिवाय" ५ बार जप करके और "ब्रह्म ही जल रूप बन कर आया है" ऐसी भावना करके नहाना चाहिये । आंवला, जौ और तिल का पेस्ट बनाकर शरीर पर रगड़कर अथवा तो ये तीनो का पाऊडर पानी में डालकर नहाना चाहिये । स्नान में कभी गर्म पानी का प्रयोग ना करें, वायु की तकलीफ वाले ना ज्यादा गर्म ना ज्यादा ठंडा पानी प्रयोग करें। सिर पर तो कभी भी गर्म पानी नहीं डालना चाहिये । ऐसा करने पर सभी तीर्थ स्नान करने का पुण्य मिलता है ।

       *गर्भ की रक्षा*

चांदी की कटोरी में दही जमाकर खाने से गर्भपात नहीं होता ।

 *बार बार बुखार आना* बार-बार बुखार आता हो तो भोजन से पहले २-३ ग्राम अदरक और थोड़ा नींबू खाएं फिर भोजन करें ।


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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