☀ ~ आज का श्रीविद्या पंचांग~☀ ☀ 23 - Jul - 2022

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जय श्री कृष्ण👏🏻

संस्थापक -  प. पू. गुरूदेव आचार्यडाँ देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेडी)

मन्दसौर (म. प्र.)

09977943155



☀ ~ आज का श्रीविद्या  पंचांग~☀


☀ 23 - Jul - 2022

☀ Mandsaur, India


☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀

    

🔅 तिथि  दशमी  11:28 AM

🔅 नक्षत्र  कृत्तिका  07:03 PM

🔅 करण :

           विष्टि  11:28 AM

           बव  11:28 AM

🔅 पक्ष  कृष्ण  

🔅 योग  गण्ड  01:06 PM

🔅 वार  शनिवार  


☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय  05:54 AM  

🔅 चन्द्रोदय  +02:02 AM  

🔅 चन्द्र राशि  वृषभ  

🔅 सूर्यास्त  07:17 PM  

🔅 चन्द्रास्त  03:05 PM  

🔅 ऋतु  वर्षा  


☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत

🔅 कलि सम्वत  5124  

🔅 दिन काल  01:23 PM  

       राक्षस संवत्सर

🔅 विक्रम सम्वत  2079  

🔅 मास अमांत  आषाढ  

🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण  


☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित  12:09:15 - 13:02:49

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त  05:54 AM - 06:47 AM

🔅 कंटक  12:09 PM - 01:02 PM

🔅 यमघण्ट  03:43 PM - 04:37 PM

🔅 राहु काल  09:15 AM - 10:55 AM

🔅 कुलिक  06:47 AM - 07:41 AM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  01:56 PM - 02:49 PM

🔅 यमगण्ड  02:16 PM - 03:56 PM

🔅 गुलिक काल  05:54 AM - 07:34 AM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल  पूर्व  


☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती  

☀ चन्द्रबल  

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन  


*सहपरिवार सादर आमंत्रित*

श्रावण मास के पवित्र अवसर पर 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव एवं *श्रीमद् भागवत भक्ति महोत्सव 4 से 10 अगस्त तक*

कष्टभंजन रामायण मित्र मंडल बनी द्वारा मास पारायण रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक दिनांक 14 जुलाई से 12 अगस्त 2022 तक

*स्थान श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला हरिहर आश्रम बनी तह० पेटलावद जिला झाबुआ मध्य प्रदेश*


*एकादशी व्रत के लाभ* 

23 जुलाई 2022 शनिवार को सुबह 11:28 से 24 जुलाई, रविवार को दोपहर 01:45 तक एकादशी है।

विशेष - 24 जुलाई, रविवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें।

एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।

जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।

धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।

कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।

परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी  ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।

*एकादशी के दिन करने योग्य* 

एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l



☀~ श्रीविद्या  पंचांग ~☀


कार्यालय

श्रीविद्यापचांग

सिद्धचक्र विहार 

मन्दसौर मध्यप्रदेश 

आप का दिन शुभ हो 

भारतमाता की जय

09977943155

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